इंदौर में आस्था का महासंगम: रणजीत हनुमान मंदिर में तैयार होगा महाभोज; 80 हजार भक्तों के लिए तैयार बनेगी प्रसादी

इंदौर के प्रसिद्ध प्राचीन श्री रणजीत हनुमान मंदिर में आस्था और सेवा का अनूठा उदाहरण देखने को मिलने वाला है। आगामी 7 अप्रैल को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे (महाभोज) का आयोजन किया जाएगा। सूत्रो के अनुसार बताया जा रहा है कि इस वर्ष करीब 80 हजार भक्तों के लिए प्रसादी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष ‘चलित व्यवस्था’ की है, जिससे भक्त बिना किसी परेशानी के सुगमता से प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।
परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का मेल
रणजीत हनुमान मंदिर में साल में दो बार बड़े भंडारों का आयोजन होता है—एक हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले पहले मंगलवार को और दूसरा आंवला नवमी पर। सालों से चली आ रही इस परंपरा ने अब एक भव्य रूप ले लिया है।
पहले भक्तों को जमीन पर बिठाकर भोजन कराया जाता था, लेकिन भक्तों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अब इसे ‘चलित भंडारा’ बना दिया गया है। इस बदलाव से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि मंदिर के बाहर लगने वाले लंबे जाम और धक्का-मुक्की की स्थिति से भी निजात मिली है।
चलित भंडारे में भक्तों को मिलेगी प्रसादी - फाइल फोटो।
खास है प्रसादी का स्वरूप
चलित भंडारे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भक्तों को प्रसादी एक व्यवस्थित पैकेट में दी जाती है।
  • महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें: परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को थाली का पैकेट दिया जाएगा।
  • प्रसादी में क्या होगा: भक्तों को पुड़ी, विशेष सब्जी (रामभाजी), भजिए और नुक्ति (बूंदी) का प्रसाद दिया जाएगा।
  • सुविधा: भक्त इस पैकेट को बंद कर अपने घर ले जा सकते हैं या परिसर के बाहर सुविधानुसार खड़े होकर ग्रहण कर सकते हैं।
6 अप्रैल से शुरू होगा ‘सेवा का यज्ञ’
भंडारे की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी तैयारी एक दिन पहले ही शुरू हो जाएगी। 6 अप्रैल की सुबह मंदिर परिसर में पारंपरिक भट्टी पूजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद प्रसादी बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ होगा।
  • महिला मंडल की भूमिका: सब्जी सुधारने और कटिंग के काम में महिला मंडल की सदस्य अपना योगदान देंगी।
  • अविरत सेवा: हलवाई और सेवादार दिन-रात मेहनत कर शुद्ध घी और मसालों से प्रसादी तैयार करेंगे।
समय और कार्यक्रम
7 अप्रैल को पूरे दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना चलेगी। शाम को भगवान रणजीत हनुमान को छप्पन भोग लगाने और महाआरती के बाद शाम 6:30 बजे से भंडारे का श्रीगणेश होगा। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अपील की है कि वे कतारबद्ध होकर अनुशासन के साथ प्रसादी ग्रहण करें।
इंदौर का रणजीत हनुमान मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश भी देता है। इस महाभोज को लेकर शहर के भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।