Ujjain News: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के आंगन में रविवार सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रवेश द्वार पर एक महिला सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालुओं के साथ आए पंडित के बीच विवाद हो गया।
विवाद इतना बढ़ा कि बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुँच गई। सोमवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों पर कार्रवाई की है।
आधार कार्ड को लेकर शुरू हुआ विवाद
घटना रविवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, पंडित कमलेश शर्मा कुछ श्रद्धालुओं को लेकर गेट नंबर-1 (अवंतिका द्वार) से मंदिर में प्रवेश कराने की कोशिश कर रहे थे। ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी ज्योति परमार ने जब श्रद्धालुओं के पहचान पत्र मांगे, तो राजस्थान का आधार कार्ड होने के कारण उन्हें नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश देने से मना कर दिया।
इसी बात को लेकर पंडित शर्मा और सुरक्षाकर्मी के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच झूमाझटकी और तीखी नोकझोंक साफ देखी जा सकती है।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
सुरक्षाकर्मी का आरोप: ज्योति परमार ने महाकाल थाने में आवेदन देते हुए कहा कि पंडित शर्मा नियमों के विरुद्ध राजस्थान के श्रद्धालुओं को प्रवेश दिलाने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर उन्होंने विवाद किया और मारपीट की धमकी दी।
पंडित का पक्ष: वहीं, पंडित कमलेश शर्मा का कहना है कि श्रद्धालुओं के पास उज्जैन और राजस्थान दोनों के पहचान पत्र थे। सुरक्षाकर्मी ने बेवजह रोका और गालियां दीं। पंडित ने दावा किया कि उनके पास महिला गार्ड द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के पुख्ता सबूत हैं।
मंदिर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मामला तूल पकड़ते ही महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में अभद्र भाषा के उपयोग और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है:
महिला सुरक्षाकर्मी को हटाया: ड्यूटी के दौरान अमर्यादित व्यवहार और अपशब्दों का प्रयोग करने पर ज्योति परमार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
पंडित पर प्रतिबंध: नियम विरुद्ध प्रवेश का प्रयास करने और विवाद करने के कारण पंडित कमलेश शर्मा के गेट नंबर-1 से प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और नियमों के साथ समझौता करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।