भोपाल के पुराने शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले और पारंपरिक बाजारों को अब नई जगह शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत टीटी नगर एरिया बेस्ड डेवलपमेंट ज़ोन में नया बाजार विकसित होगा, जिसे ‘बी-न्यू मार्केट’ (B-New Market) नाम दिया जाएगा। इसमें कपड़ा, दवा, किराना और सराफा जैसे प्रमुख थोक बाजारों को स्थानांतरित किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इसके लिए एक समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति दुकानों का आकार और नए बाजार की रूपरेखा तय करेगी।
व्यापारियों ने दी अपनी राय
बैठक में शामिल विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया।
• फेडरेशन ऑफ राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ के श्याम बाबू अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में पार्किंग की समस्या बहुत बड़ी है। नई जगह पर यह दिक्कत खत्म होगी और कारोबार में बढ़ोतरी होगी।
• भोपाल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जैन का कहना था कि थोक बाजार नए भोपाल में शिफ्ट होने से आम लोगों को सुविधा होगी।
• केमिस्ट एसोसिएशन के जितेंद्र चाकड़ ने बताया कि दवा मार्केट में करीब 700 व्यापारी हैं, जिन्हें 150–200 स्क्वायर फीट की डबल हाइट दुकानों की आवश्यकता होगी।
• सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग रखी कि सर्राफा व्यापारियों को कम से कम 300 स्क्वायर फीट की दुकानें मिलनी चाहिए।
स्मार्ट सिटी क्षेत्र में बनेगा आधुनिक बाजार
टीटी नगर स्मार्ट सिटी क्षेत्र में अभी कई प्लॉट खाली पड़े हैं। इन्हीं में थोक किराना मार्केट, दवा बाजार, सर्राफा और कपड़ा मार्केट को स्थानांतरित कर नया और व्यवस्थित व्यापारिक ज़ोन तैयार किया जाएगा। यहां दुकानों और शोरूम्स का विकास इस तरह होगा कि व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों को ही सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, इसका उद्देश्य पुराने भोपाल के पारंपरिक बाजारों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें आधुनिक रूप देना है।
बाजार की संरचना और दुकानों की संख्या
नए बाजार में अलग-अलग व्यापारिक वर्गों के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए जाएंगे।
• 700 दुकानें – दवा मार्केट
• 300 दुकानें – किराना मार्केट
• 250 दुकानें – कपड़ा मार्केट
• 150 दुकानें – सर्राफा मार्केट
कुल मिलाकर यह नया बाजार लगभग 1400 दुकानों का होगा।
व्यापारियों ने जताई सहमति, प्रशासन करेगा अध्ययन
बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि व्यापारी कलेक्टर की गाइडलाइन के अनुसार शुल्क देने को तैयार हैं। प्रशासन को चाहिए कि इस पर शीघ्र कार्रवाई करे। वहीं, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि व्यापार की सुगमता और शहर के विकास को देखते हुए अधिकारियों की टीम गठित कर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुराने बाजारों की समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द ही निकाला जाएगा।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
इस अहम बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण, स्मार्ट सिटी सीईओ अंजू अरुण कुमार, भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सुनील जैन, कैट से सुनील अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी संघ के श्याम अग्रवाल और राजेश गर्ग, सर्राफा एसोसिएशन के नरेश अग्रवाल और अखिलेश मित्तल, तथा केमिस्ट एसोसिएशन के जितेंद्र धाकड़ सहित कई व्यापारी प्रतिनिधि शामिल रहे।