Indore/Shillong News: राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नाटकीय मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी सोनम को जमानत मिलने के बाद उपजे विवाद के बीच अब इस मामले में 2 करोड़ रुपये की हेराफेरी का सनसनीखेज पहलू सामने आया है। एक ओर जहां मृतक राजा का परिवार सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर मामले के सोमन रघुवंशी के प्रेमी सह-आरोपी राज ने भी शिलॉन्ग कोर्ट में अपनी जमानत याचिका पेश कर दी है, जिस पर जल्द सुनवाई होनी है।
पैसे के दम पर सिस्टम को प्रभावित करने का आरोप
सोनम की रिहाई के बाद से ही इंदौर से लेकर शिलॉन्ग तक हलचल तेज है। राजा के परिजनों ने शिलॉन्ग पुलिस की जांच को सिस्टम की नाकामी करार दिया है। परिवार का सीधा आरोप है कि आर्थिक रसूख का इस्तेमाल कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि अपराधियों को बचाने के लिए रची गई एक बड़ी साजिश है। उन्होंने अब इस पूरे प्रकरण की CBI जांच की मांग तेज कर दी है।
भाई गोविंद का खुलासा: “राज ने की 2 करोड़ की हेराफेरी”
इस पूरे विवाद के केंद्र में आए सोनम के भाई गोविंद ने अपनी चुप्पी तोड़ ली है। गोविंद ने दावा किया कि इस मामले का सह-आरोपी राज’ उनके यहां काम करता था और उसने करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये का गबन किया था। गोविंद के अनुसार, यह पूरी कानूनी उलझन उसी हेराफेरी को छिपाने के लिए रची गई एक साजिश हो सकती है।
गोविंद ने मीडिया से चर्चा में कहा “मुझ पर लग रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अगर मेरे पास इतना प्रभाव या पैसा होता, तो परिस्थितियां कुछ और होतीं। राज ने हमारे साथ धोखाधड़ी की है और संभवतः इसी विवाद ने इस त्रासदी को जन्म दिया।”
कोर्ट की शर्तों के घेरे में आरोपी
सोनम को जमानत भले ही मिल गई हो, लेकिन उसे कड़ी शर्तों का पालन करना होगा….
शिलॉन्ग जिला निर्वासन: वह बिना अनुमति के शिलॉन्ग जिले की सीमा नहीं छोड़ सकती।
नियमित हाजिरी:उसे हर सप्ताह संबंधित थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
इंदौर आने पर रोक:फिलहाल उसके इंदौर आने की कोई संभावना नहीं है, जिससे इंदौर में रह रहे पीड़ित परिवार की सुरक्षा चिंताओं को कुछ हद तक राहत मिली है।
मदद से इनकार और आर्थिक तंगी का दावा
गोविंद ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि वे सोनम को महंगे वकील या आर्थिक मदद मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेल से सोनम ने सहायता के लिए फोन किया था, लेकिन उन्होंने हाथ पीछे खींच लिए। गोविंद का कहना है कि उनकी अपनी माली हालत खराब है और मामले की पैरवी सरकारी वकील द्वारा की जा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले एक साल से वह और उनका परिवार “बर्बाद जिंदगी” जी रहे हैं और सामाजिक व मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
क्या है आगे की राह?
अब सभी की नजरें सह-आरोपी राज की जमानत याचिका पर टिकी हैं। शिलॉन्ग कोर्ट में होने वाली यह सुनवाई तय करेगी कि क्या इस मामले के अन्य किरदारों को भी राहत मिलेगी या पुलिस राज द्वारा की गई कथित हेराफेरी के सबूत पेश कर उसे हिरासत में रखेगी। राजा रघुवंशी के परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे सोनम की जमानत को उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। गोविंद ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे स्वयं चाहते हैं कि उच्च स्तरीय जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
निष्कर्ष: राजा रघुवंशी हत्याकांड अब केवल एक मर्डर मिस्ट्री नहीं रह गया है, बल्कि इसमें आर्थिक गबन, पुलिस की कार्यप्रणाली और हाई-प्रोफाइल साजिश के तार जुड़ गए हैं। 2 करोड़ की हेराफेरी का यह नया ‘ट्विस्ट’ जांच की दिशा को पूरी तरह बदल सकता है।