MP Weather: मध्य प्रदेश में कुदरत के दो रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ सूरज की तपिश ने मार्च के महीने में ही लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने प्रदेश में तीसरी बार बेमौसम बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से 27 से 29 मार्च के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।
27 से 29 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, एक नया स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में देखने को मिलेगा। 27 मार्च से शुरू होने वाला यह दौर 29 मार्च तक चलेगा। इस दौरान न केवल हल्की से मध्यम बारिश होगी, बल्कि 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि 28 मार्च की रात से एक और सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते अप्रैल की शुरुआत भी धूल भरी आंधी और बौछारों के साथ होने की संभावना है।
गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड: नर्मदापुरम सबसे गर्म
बारिश के अलर्ट से पहले प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। बुधवार को एमपी के 5 प्रमुख शहरों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया।
नर्मदापुरम 38.8 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा।
रतलाम में 38.6 डिग्री और खंडवा में 38.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
राजधानी भोपाल में पारा 35.8 डिग्री रहा, जबकि उज्जैन (36.5) भोपाल से भी अधिक गर्म दर्ज किया गया।
किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों पर संकट
मार्च के महीने में आंधी-बारिश का यह तीसरा दौर है। इससे पहले हुए दो दौर में 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस बेमौसम मार से गेहूं, पपीता और केले की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। अब तीसरे दौर की आहट ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि खेतों में खड़ी फसल कटाई के अंतिम चरण में है।
फरवरी-मार्च का अजीब संयोग
इस साल मौसम का मिजाज काफी अनिश्चित रहा है। फरवरी में जहाँ चार बार ओले गिरे और बारिश हुई, वहीं मार्च में भी तीन बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुए। पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो मार्च में दिन गर्म और रातें ठंडी रहने का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार बारिश और ओलावृष्टि ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
अप्रैल-मई में ‘लू’ का रहेगा प्रकोप
राहत की बात केवल इतनी है कि बारिश से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन यह क्षणिक होगी। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अप्रैल और मई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और रीवा संभाग में पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है।
सावधानी की सलाह: मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने और आम नागरिकों को आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है।