भारत में आधार कार्ड आज के समय में सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर सिम कार्ड खरीदने तक, हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन, इसके व्यापक इस्तेमाल के साथ ही इससे जुड़े फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है। जालसाज अब नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं।
हाल के दिनों में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए ठगी के कई मामले सामने आए हैं। साइबर अपराधी लोगों के बायोमेट्रिक्स का क्लोन बनाकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। ऐसे में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यहां हम आपको चार ऐसे जरूरी टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप आधार स्कैम से सुरक्षित रह सकते हैं।
1. बायोमेट्रिक्स को लॉक रखें
आधार सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच बायोमेट्रिक लॉक फीचर है। अक्सर हम अपने आधार का इस्तेमाल रोज नहीं करते, लेकिन हमारा बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन) हमेशा एक्टिव रहता है। जालसाज इसका फायदा उठाते हैं। आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar ऐप के जरिए अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक कर सकते हैं। जब जरूरत हो, इसे कुछ समय के लिए अनलॉक करें और काम हो जाने पर यह अपने आप फिर से लॉक हो जाएगा।
2. मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar) का इस्तेमाल
हर जगह अपना पूरा आधार नंबर देना सुरक्षित नहीं है। होटल चेक-इन या पहचान पत्र के तौर पर आप ‘मास्क्ड आधार’ का उपयोग कर सकते हैं। इसमें आपके आधार नंबर के शुरू के 8 अंक छिपे होते हैं और केवल आखिरी 4 अंक ही दिखाई देते हैं। यह कानूनी रूप से मान्य है और इससे आपका पूरा आधार नंबर किसी गलत हाथ में जाने से बच जाता है। इसे UIDAI की वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
3. ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करें
कई बार हमें पता भी नहीं चलता और हमारे आधार का गलत इस्तेमाल हो रहा होता है। इससे बचने के लिए समय-समय पर अपनी ‘ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री’ चेक करते रहें। UIDAI की वेबसाइट पर यह सुविधा उपलब्ध है, जहां आप देख सकते हैं कि पिछले छह महीनों में आपके आधार का इस्तेमाल कहां-कहां और किस काम के लिए किया गया है। अगर आपको कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
4. मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें
आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हमेशा अपडेट रखना चाहिए। जब भी आपके आधार का कहीं इस्तेमाल होता है या कोई बदलाव किया जाता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक अलर्ट या ओटीपी आता है। अगर आपका नंबर अपडेट नहीं होगा, तो आपको किसी भी अनधिकृत गतिविधि की जानकारी नहीं मिल पाएगी। इसके अलावा, अपना ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
इन आसान मगर प्रभावी तरीकों को अपनी आदत में शामिल कर आप न केवल अपनी पहचान सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि बड़े आर्थिक नुकसान से भी बच सकते हैं। सतर्कता ही बचाव है।