CMO के सभी अधिकारियों और निजी सहायकों के अकाउंट होंगे मॉनिटर

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सभी अधिकारियों, OSD और निजी सहायकों के सोशल मीडिया हैंडल की कड़ी निगरानी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य कार्यालयों में काम करने वाले स्टाफ की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी के लीक होने की संभावना को रोकना है।

कैबिनेट मंत्रियों के स्टाफ भी निगरानी में

सूत्रों के अनुसार, केवल मुख्यमंत्री कार्यालय तक ही नहीं, बल्कि सभी कैबिनेट मंत्रियों के निजी स्टाफ में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया अकाउंट भी निगरानी के दायरे में रखे जाएंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक या गलत हाथों में न जाए।

केंद्रीय नेतृत्व करेगा निगरानी

बताया जा रहा है कि इस निगरानी का प्रबंधन और संचालन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। इस कदम के पीछे यह कारण बताया गया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कांग्रेस विचारधारा से संबंध होने और गोपनीय जानकारी लीक करने की संभावित संलिप्तता सामने आई है।

सख्त कदम उठाने का निर्णय

इन परिस्थितियों के मद्देनज़र यह सख्त कदम उठाया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया व्यवहार की निगरानी से कार्यालयों में अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सूत्रों का कहना है कि इस निगरानी के परिणामस्वरूप कुछ बड़े बदलाव जल्द ही देखने को मिल सकते हैं। इसमें स्टाफिंग संरचना में बदलाव या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल हो सकते हैं, ताकि संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।