आवारा कुत्तों पर एक्शन, स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर प्रवेश पर रोक के निर्देश

इंदौर में प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में समय-सीमा (टीएल) और अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विकासात्मक योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की गई।

समय-सीमा में प्रकरणों के निराकरण पर जोर

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज सभी शिकायतों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री और उपयंत्री की लापरवाही पाए जाने पर दोनों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।

परिवार नियोजन भुगतान में देरी पर जांच के निर्देश

परिवार नियोजन की राशि भुगतान में लापरवाही के मामले की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में भुगतान लंबित पाया गया, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन, आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े, नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य, निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क मरम्मत कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने का आदेश

कलेक्टर ने जिले में चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्य एक सप्ताह के भीतर हर स्थिति में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा – “इंदौर नंबर वन है और नंबर वन ही रहना चाहिए।”

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आवारा श्वानों पर सख्त नियंत्रण

बैठक में आवारा श्वानों (स्ट्रीट डॉग्स) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों — जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य मार्गों पर आवारा श्वान दिखाई न दें। स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि परिसर में श्वानों का प्रवेश न हो। यदि किसी संस्था में कुत्ते के काटने की घटना होती है, तो उसके लिए संस्था प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों में भी श्वानों के प्रवेश को रोकने के उपाय सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, आवारा पशुओं के विचरण पर भी सख्त नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक सुधार के लिए विशेष जांच अभियान शुरू होगा

कलेक्टर ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष दल गठित किया जाए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों और संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वदेशी और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा

कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से स्वदेशी एवं प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण हाट बाजारों में स्थापित प्राकृतिक उत्पाद विक्रय केंद्रों का अधिकारीगण निरीक्षण करें और वहां से उत्पाद खरीदकर स्थानीय किसानों और उत्पादकों को प्रोत्साहित करें।

बीएलओ ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों को तुरंत रिलीव करने के निर्देश

बैठक के अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की नियुक्ति बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के रूप में की गई है, उन्हें तत्काल रिलीव किया जाए, ताकि निर्वाचन कार्य सुचारु और प्रभावी रूप से संपन्न हो सके।