Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 17 मौतों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थिति यह है कि लोग अब सरकारी सप्लाई और टैंकरों के पानी पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। जान बचाने की जद्दोजहद में स्थानीय निवासी महंगे आरओ (RO) सिस्टम लगवाने को मजबूर हो गए हैं।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके के 516 बोरिंग के पानी के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जांच में पाया गया कि जमीन के नीचे का पानी भी अब पीने योग्य नहीं बचा है।
35 सैंपल फेल, 516 बोरिंग प्रतिबंधित
दूषित पानी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमों ने शहर भर से पानी के सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट चिंताजनक आई है। बोरिंग के पानी के 35 सैंपल फेल हो गए हैं, यानी इनका पानी इंसानी इस्तेमाल के लिए खतरनाक है।
इसे देखते हुए प्रशासन ने भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में कुल 516 बोरिंग को सील कर दिया है या उनके उपयोग पर रोक लगा दी है। इनमें 400 निजी बोरिंग हैं, जबकि 116 सरकारी बोरिंग शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक पानी की गुणवत्ता सुधर नहीं जाती, इनका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
टैंकरों के पानी पर भी सवाल
निगम द्वारा भेजे जा रहे पानी के टैंकरों को लेकर भी लोगों में अविश्वास है। रहवासियों की शिकायत है कि कई जगहों पर टैंकरों से भी गंदा पानी मिल रहा है। यही कारण है कि लोग अब अपनी जमा-पूंजी खर्च करके घरों में वाटर प्यूरीफायर लगवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां रहवासी अपने घरों में किश्तों पर आरओ मशीन खरीदकर लगाने पर मजबूर हो गए है। यहां पानी बहुत दूषित आ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की जान जा रही है। डर के कारण रहवासी खुद आरओ मशीन खरीदने को मजबूर हो चुके है।
निजी लैब में होगी जांच, बांटे जा रहे ओआरएस
प्रशासन ने रविवार को 112 पानी की टंकियों, नलों और अन्य स्रोतों के सैंपल लिए हैं। नगर निगम की लैब में कर्मचारियों की कमी के चलते इन सैंपलों की जांच निजी लैब में करवाई जाएगी ताकि रिपोर्ट जल्द मिल सके।</29 दिसंबर को दूषित पानी का यह मामला पहली बार सामने आया था। तब से लेकर अब तक इलाके में डर कायम है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ओआरएस (ORS) के पैकेट और जिंक की गोलियां बांट रही हैं। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे पानी को उबालकर और छानकर ही पिएं। हालात इतने खराब हैं कि चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी दुकानदार अब बोतल बंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं।