केंद्र सरकार ने अग्निवीर भर्ती योजना 2026 के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव आयु सीमा में हुआ है। अब अग्निवीर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है। यह फैसला उन युवाओं के लिए राहत लेकर आया है जो पहले आयु सीमा पार कर चुके थे।
क्या हैं नए नियम?
नई भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 17.5 वर्ष और अधिकतम आयु 23 वर्ष तय की गई है। पहले यह सीमा 17.5 से 21 वर्ष थी। इस बदलाव से बड़ी संख्या में युवा अब भर्ती के पात्र हो गए हैं।
अग्निवीर भर्ती के लिए उम्मीदवार का अविवाहित होना अनिवार्य शर्त बनी हुई है। शादीशुदा उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते। यह नियम पहले से लागू था और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अग्निवीर योजना की पृष्ठभूमि
अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। सेवा अवधि पूरी होने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कमीशन दिया जाता है। शेष 75 प्रतिशत को सेवा निधि के साथ विदा किया जाता है।
इस योजना को लेकर शुरू से विवाद रहा है। कई राज्यों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। युवाओं की मुख्य मांग आयु सीमा बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति की थी। सरकार ने आयु सीमा बढ़ाकर एक बड़ी मांग को स्वीकार किया है।
सेना की तीनों शाखाओं में भर्ती
अग्निवीर भर्ती थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों शाखाओं में होती है। हर शाखा की अपनी अलग चयन प्रक्रिया और शारीरिक मानदंड हैं। भर्ती रैली और ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाता है।
2026 की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। भर्ती से जुड़ी विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है।
शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तें
अग्निवीर भर्ती के लिए उम्मीदवार को कम से कम दसवीं या बारहवीं पास होना जरूरी है। यह शर्त पद के अनुसार अलग-अलग है। तकनीकी पदों के लिए 12वीं विज्ञान विषय से पास होना अनिवार्य है।
शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़, पुल-अप्स और अन्य फिटनेस टेस्ट शामिल हैं। मेडिकल जांच में पूरी तरह फिट पाए जाने पर ही उम्मीदवार को चुना जाता है।
सेवा निधि और भविष्य के अवसर
चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये की सेवा निधि दी जाती है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में उन्हें प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। कई राज्य सरकारों ने भी अग्निवीरों के लिए आरक्षण की घोषणा की है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह योजना सेना को युवा और प्रशिक्षित जवान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। आयु सीमा बढ़ाने का फैसला युवाओं की मांग और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयु सीमा बढ़ने से अधिक अनुभवी और परिपक्व उम्मीदवार भर्ती में शामिल हो सकेंगे। इससे सेना की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।