AI की मार, IT के बाद अब बैंकिंग सेक्टर में 2 लाख नौकरियों पर खतरा

टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर बैंकिंग सेक्टर में भी गहराने लगा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले पांच वर्षों में यूरोप के बैंकों में दो लाख से अधिक नौकरियां समाप्त हो सकती हैं। इसका मुख्य कारण तेजी से बढ़ता AI उपयोग, डिजिटल बैंकिंग मॉडल और लगातार बंद होती बैंक शाखाएं बताई जा रही हैं। इस चेतावनी ने बैंकिंग कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब निवेशक बैंकों पर खर्च घटाने का दबाव बना रहे हैं।

टेक इंडस्ट्री के बाद अब बैंकिंग सेक्टर निशाने पर

2025 में टेक सेक्टर AI के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां बड़े पैमाने पर छंटनी देखी गई। अब Morgan Stanley की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर अगला बड़ा क्षेत्र बन सकता है जो इस बदलाव की चपेट में आएगा। रिपोर्ट में 35 बड़े यूरोपीय बैंकों का विश्लेषण किया गया है, जिनमें करीब 21 लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। डिजिटल सेवाओं और ऑटोमेशन के चलते पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम तेजी से बदल रहा है।

AI क्यों बन रहा है नौकरियों के लिए चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग से जुड़े कई काम दोहराव वाले और पूरी तरह डेटा पर आधारित होते हैं। ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, डेटा एनालिसिस और कंप्लायंस जैसे कार्य अब AI और मशीन लर्निंग के जरिए कम समय और कम लागत में किए जा सकते हैं। इसी वजह से बैक-ऑफिस, मिडिल-ऑफिस, रिस्क मैनेजमेंट और कंप्लायंस से जुड़े पद सबसे अधिक खतरे में माने जा रहे हैं। बैंकों का दावा है कि AI अपनाने से उनकी कार्यक्षमता में करीब 30 प्रतिशत तक सुधार हो सकता है।

बड़े बैंक पहले ही उठा चुके हैं कदम

यूरोप के कई बड़े बैंक AI को री-स्ट्रक्चरिंग का अहम जरिया बना चुके हैं। डच बैंक ABN Amro ने 2028 तक अपने फुल-टाइम कर्मचारियों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत कटौती की योजना बनाई है। वहीं फ्रांस के Société Générale के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि लागत घटाने के लिए कोई भी विभाग पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। निवेशकों का मानना है कि यूरोपीय बैंकों को अमेरिकी बैंकों के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिखाने के लिए सख्त फैसले लेने होंगे।

AI से लाभ भी, लेकिन भविष्य को लेकर आशंका

कुछ बैंक AI को भविष्य का गेम चेंजर मान रहे हैं। UBS जैसे संस्थान AI आधारित एनालिस्ट अवतार और नई डिजिटल रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। बैंक ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को AI प्रशिक्षण के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तक भेजा है। वहीं दूसरी ओर JPMorgan Chase जैसे बैंक सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से जूनियर कर्मचारियों की बुनियादी स्किल्स कमजोर नहीं होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि AI बैंकिंग सेक्टर को बदलेगा जरूर, लेकिन अगर संतुलन नहीं रखा गया तो आने वाले समय में यह बड़ी रोजगार समस्या का कारण बन सकता है।