Bhopal News:मध्य प्रदेश में मार्च का महीना विदाई लेते-लेते मौसम के कई रंग दिखा रहा है। राज्य में इस समय ‘दोहरी मौसमी मार’ देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां ग्वालियर-चंबल समेत 16 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी तरफ खजुराहो और नर्मदापुरम जैसे शहरों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है।
अगले 24 घंटे भारी: 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, वर्तमान में एक साथ दो शक्तिशाली सिस्टम सक्रिय हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके चलते मंगलवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, सतना, बैतूल और छिंदवाड़ा सहित 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।
सोमवार को दिखा ओलों का कहर
बीते सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने रौद्र रूप दिखाया। उज्जैन, नीमच, मंदसौर, बैतूल, धार और सीहोर में बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा भोपाल, मैहर और रतलाम समेत 20 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 3 अप्रैल तक प्रदेश में इसी तरह की उथल-पुथल बनी रहेगी।
एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ झुलसाती गर्मी
हैरान करने वाली बात यह है कि बारिश और ओलों के बीच प्रदेश के कुछ हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। सोमवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो (40.4°C) और नर्मदापुरम (40.2°C) में दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का हाल: जबलपुर में पारा 39.3 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री और इंदौर में 36.5 डिग्री रहा।
गर्मी का आलम यह है कि मंडला, रतलाम और खंडवा जैसे शहरों में भी तापमान 39 डिग्री के ऊपर बना हुआ है।
किसानों की बढ़ी चिंता: मार्च में चौथी बार बदला मौसम
इस साल मार्च के महीने में मौसम ने चार बार करवट बदली है। महीने के शुरुआती दिनों में तेज गर्मी रही, लेकिन दूसरे पखवाड़े से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 45 से अधिक जिले बारिश से प्रभावित हुए हैं, जबकि 17 जिलों में ओले गिरने से गेहूं, पपीता और केले की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। 2 अप्रैल को एक और ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने की संभावना है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश को भी प्रभावित करेगा।
आगे क्या? अप्रैल-मई में ‘लू’ का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह बेमौसम बारिश केवल फौरी राहत है। अप्रैल और मई के महीनों में प्रदेश को भीषण लू (Heatwave) का सामना करना पड़ेगा। अनुमान है कि ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभागों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
सतर्कता: ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
सिस्टम: 3 अप्रैल तक दो मौसमी सिस्टम सक्रिय रहेंगे।
असर: आंधी के कारण बिजली लाइनों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँच सकता है।