एमपी में भीषण ठंड के बीच मौसम ने ली करवट, नया सिस्टम सक्रिय, कई जिलों में बारिश के आसार

मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड लोगों की दिनचर्या पर असर डाल रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में घने कोहरे से लोगों को काफी हद तक निजात मिल रही है। बीते कुछ दिनों के मुकाबले अब सुबह के समय दृश्यता बेहतर हो रही है और आसमान साफ नजर आ रहा है। इसके बावजूद ठंडी हवाओं ने खासकर उत्तरी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।

प्रदेश के कुछ जिलों में अब भी कोहरे का असर बना हुआ है। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जैसे जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन और यातायात पर हल्का प्रभाव पड़ा। बर्फीली हवाओं के कारण उत्तर और विंध्य क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा ठंड महसूस कर रहे हैं, जहां कंपकंपी छुड़ाने वाली सर्दी का दौर लगातार जारी है।

अगर तापमान की बात करें तो बीती रात प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड कटनी जिले के करौंदी में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सतना में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.5 डिग्री और पचमढ़ी में 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं खजुराहो में पारा 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सर्दी की तीव्रता को साफ तौर पर दर्शाता है।

प्रदेश के बड़े शहरों में ठंड का असर अपेक्षाकृत थोड़ा कम देखने को मिला। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और जबलपुर में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 10.2 डिग्री और उज्जैन में 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, इन शहरों में ठंड थोड़ी कम महसूस हुई, लेकिन सुबह-शाम की सर्द हवाएं लोगों को गर्म कपड़ों में रहने पर मजबूर कर रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मौसम में जल्द ही एक और बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 जनवरी से मध्य प्रदेश में नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जो एक-दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, यानी मावठ, गिरने की संभावना जताई गई है। फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन ठंड से पूरी तरह राहत मिलने के आसार अभी नहीं हैं।