पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। एक के बाद एक हमले और जवाबी कार्रवाई से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस टकराव का असर वहां रह रहे लाखों भारतीयों पर भी पड़ रहा है, जिनमें मध्यप्रदेश के बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हैं। पढ़ाई, नौकरी, कारोबार या पर्यटन के उद्देश्य से खाड़ी देशों में गए लोग मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल शांति के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर त्वरित पहल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष के बीच मध्यप्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित समन्वय किया जा सके।
भोपाल और नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय
मध्यप्रदेश शासन ने राजधानी भोपाल और नई दिल्ली में 24 घंटे संचालित होने वाले कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं। नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में भी विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेशवासियों की समस्याओं की निगरानी की जा रही है। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से संकटग्रस्त नागरिकों को मार्गदर्शन, समन्वय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
छात्र, कर्मचारी और व्यवसायी ले सकेंगे मदद
खाड़ी देशों में पढ़ाई कर रहे छात्र, नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में गए लोग और घूमने गए पर्यटक—सभी जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। राज्य सरकार ने अपील की है कि घबराने के बजाय आधिकारिक संपर्क सूत्रों के माध्यम से जानकारी साझा करें, ताकि सही और सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फोन, व्हाट्सएप और ईमेल से तुरंत संपर्क
यदि पश्चिम एशिया के प्रभावित क्षेत्रों में मध्यप्रदेश का कोई भी नागरिक आपात स्थिति, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक आवश्यकता का सामना कर रहा है, तो वह राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकता है। फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और ईमेल—तीनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि संचार में किसी प्रकार की बाधा न आए। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर संदेश और कॉल पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित नागरिकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।