नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में एक नई ऐप-आधारित कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा पूरी तरह से सहकारी मॉडल पर आधारित है, जिसका सीधा मुकाबला ओला और उबर जैसी बड़ी एग्रीगेटर कंपनियों से होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को शोषण से बचाना और यात्रियों को सस्ती दरों पर सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है।
लॉन्च के साथ ही ‘भारत टैक्सी’ की सेवाएं दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से शुरू हो गई हैं। यह सेवा सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन का एक हिस्सा है, जिसके तहत सहकारी समितियों के माध्यम से लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ड्राइवरों और यात्रियों को सीधा फायदा
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत इसका राजस्व मॉडल है। ‘भारत टैक्सी’ से जुड़ने वाले ड्राइवरों को प्रत्येक राइड के किराये का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा सीधे मिलेगा। यह मौजूदा एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले 25-30% कमीशन की तुलना में काफी कम है। इससे ड्राइवरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। वहीं, यात्रियों को ‘सर्ज प्राइसिंग’ से मुक्ति मिलेगी और उन्हें प्रतिस्पर्धी दरों पर टैक्सी उपलब्ध होगी।
क्या है सहकारी मॉडल की ताकत?
इस सेवा का संचालन प्रखर सहकारी परिवहन समिति द्वारा किया जा रहा है। सहकारी मॉडल में, ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि समिति के सदस्य और मालिक भी होते हैं। इसका मतलब है कि कंपनी का मुनाफा कुछ निवेशकों के पास जाने के बजाय सीधे उन ड्राइवरों के बीच वितरित होगा जो मेहनत कर रहे हैं।
“यह मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के सपने को साकार करता है। इससे ड्राइवरों का सशक्तिकरण होगा और एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोषण का अंत होगा।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह पहल गिग इकोनॉमी में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जहां श्रमिक ही मालिक होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
कैसे काम करेगी ‘भारत टैक्सी’?
उपयोगकर्ता ‘भारत टैक्सी’ का मोबाइल ऐप एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म से डाउनलोड कर सकते हैं। शुरुआती चरण में यह सेवा दिल्ली एयरपोर्ट पर उपलब्ध है और जल्द ही इसका विस्तार पूरी दिल्ली-एनसीआर और बाद में देश के अन्य बड़े शहरों में किया जाएगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) ने इस ऐप के विकास में तकनीकी सहायता प्रदान की है। इस सहकारी पहल को ऐप-आधारित टैक्सी बाजार में एक बड़ा बदलाव लाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।