हमारे घरों में रोज़ सुबह-शाम पूजा करना एक सामान्य और पवित्र परंपरा है। मंदिर में धूप, अगरबत्ती, दीपक या हवन सामग्री जलाकर हम ईश्वर का स्मरण करते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। पूजा के दौरान निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है, लेकिन पूजा समाप्त होने के बाद जो राख बचती है, उसके साथ क्या किया जाए, इस पर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते।
अधिकतर लोग इस राख को साधारण कचरा समझकर कूड़ेदान, सिंक या नाली में फेंक देते हैं। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एक बड़ी भूल मानी जाती है। पूजा से जुड़ी हर वस्तु पवित्र होती है और उसकी राख भी विशेष महत्व रखती है।
पूजा की राख का धार्मिक महत्व क्या है?
शास्त्रों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हवन, धूप या अगरबत्ती की राख को ‘भस्म’ का स्वरूप माना जाता है। यह भस्म केवल जली हुई सामग्री नहीं होती, बल्कि इसमें पूजा के समय उत्पन्न हुई सकारात्मक ऊर्जा और देवताओं का आशीर्वाद माना जाता है।
इसी कारण पूजा की राख को अपवित्र स्थान पर फेंकना या पैरों से कुचलना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से घर की शांति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई मान्यताओं में इसे वास्तु दोष और मानसिक अशांति का कारण भी बताया गया है।
पूजा की राख को कहां और कैसे विसर्जित करें?
ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, पूजा की राख को विसर्जित करने के कुछ सही तरीके बताए गए हैं। यदि आपके घर के पास कोई पवित्र नदी, तालाब या जलाशय है, तो राख को श्रद्धा के साथ जल में प्रवाहित करना सबसे उत्तम माना जाता है। इससे राख का सम्मान भी बना रहता है और धार्मिक नियमों का पालन भी होता है।
अगर जल स्रोत पास न हो, तो आप इस राख को किसी साफ मिट्टी वाली जगह या गमले में डाल सकते हैं। विशेष रूप से तुलसी के पौधे, पीपल या बरगद जैसे पवित्र वृक्षों की जड़ में इसे डालना बहुत शुभ माना गया है। इससे पौधे को पोषण भी मिलता है और धार्मिक भावना भी बनी रहती है।
इन गलतियों से जरूर बचें
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा की राख को कुछ स्थानों पर भूलकर भी नहीं डालना चाहिए।
- नाली, टॉयलेट या गंदी जगह पर राख बहाना अशुभ माना जाता है
- कूड़ेदान में अन्य कचरे के साथ फेंकना गलत है
- कांटेदार या सूखे पौधों के नीचे राख डालने से बचें
मान्यता है कि ऐसी गलतियों से नकारात्मक ग्रह प्रभाव बढ़ सकता है और घर में अनचाही परेशानियां आ सकती हैं।
पूजा की राख के सही और लाभकारी उपयोग
पूजा की राख का उपयोग केवल विसर्जन तक सीमित नहीं है। इसके कुछ सकारात्मक और उपयोगी तरीके भी बताए गए हैं।
- शुद्ध हवन की राख को माथे पर हल्का सा तिलक लगाने से मन शांत रहता है
- पौधों की मिट्टी में मिलाने से यह प्राकृतिक खाद की तरह काम करती है
- अगर तुरंत विसर्जन संभव न हो, तो इसे मिट्टी या तांबे के पात्र में सुरक्षित रख सकते हैं
- ध्यान रखें कि राख हमेशा साफ और शुद्ध पूजा सामग्री की ही हो।