अटल काव्यांजलि, देशभर के कवियों की ओजस्वी प्रस्तुतियों से गूंजा मंच

भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर गुरुवार शाम इंदौर के पाटनीपुरा चौराहे पर “अटल काव्यांजलि – अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। यह काव्य संध्या अटल जी के विचारों, राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को समर्पित रही। कविता के माध्यम से उनके जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व का भावपूर्ण स्मरण किया गया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभाव से ओतप्रोत हो गया।

देशभर के कवियों की ओजस्वी प्रस्तुतियां

अक्षय चौधरी ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन में देश के जाने-माने कवियों ने अपनी सशक्त और प्रेरणादायी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य, वीर रस, राष्ट्रप्रेम और समसामयिक विषयों पर आधारित कविताओं ने कार्यक्रम को ऊर्जावान बना दिया। हर प्रस्तुति में अटल जी के विचारों की झलक साफ दिखाई दी, जिसे श्रोताओं ने तालियों से सराहा।

सत्यनारायण सत्तन को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मान

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में राष्ट्रकवि सत्यनारायण सत्तन को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ओजस्वी कविताओं का पाठ किया और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे अटल जी के साथ कई साहित्यिक मंचों पर काव्य पाठ कर चुके हैं। उनकी रचनाओं में अटल जी की राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक चेतना और मानवीय संवेदना की गहरी झलक देखने को मिली।

कवियों ने बांधा समा

कवि सम्मेलन में सुरेन्द्र शर्मा ने अपने विशिष्ट व्यंग्यात्मक अंदाज में सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वेदव्रत वाजपेई की कविताओं में अटल जी के विचारों की वैचारिक गहराई नजर आई। प्रो. राजीव शर्मा, दिनेश दिग्गज, सुमित्रा सरल, कुलदीप रंगीला और दिनेश देशी घी ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से काव्य संध्या को यादगार बना दिया।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस आयोजन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक गोलू शुक्ला, सभापति मुन्नालाल यादव, वरिष्ठ नेता बाबू सिंह रघुवंशी, चंदू राव शिंदे, दीप्ति हाड़ा, स्वाति काशिद, समाजसेवी सूरज रजक सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सम्मान समारोह भी रहा आकर्षण

कार्यक्रम के दौरान समाज, साहित्य और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। सम्मानित होने वालों में समाजसेवी माला दीदी वाजपेई, राष्ट्रकवि सत्यनारायण सत्तन, वरिष्ठ नेता कृष्ण मुरारी मोघे, बाबू सिंह रघुवंशी, साहित्यकार गोपाल माहेश्वरी और अखिल भारतीय खाती समाज के अध्यक्ष लीलाधर देथलिया शामिल रहे।

आयोजन ने बढ़ाई सांस्कृतिक चेतना

इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन रमेश मेंदोला मित्र मंडल एवं अटल युवा मंच द्वारा अक्षत चौधरी के संयोजन में किया गया। “अटल काव्यांजलि” साहित्य और राष्ट्रभाव का एक सशक्त मंच बनकर उभरी, जिसने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया और इंदौर की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

इस अवसर पर सुधीर कोल्हे, दीपक जैन टीनू, सुरेश कुरवाड़े, जीतू यादव, तेजिंदर घुम्मन, मनोज मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।