इंदौर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल की फोटो से साइबर ठगी की कोशिश: पुलिस प्रशासन अलर्ट

इंदौर में साइबर ठगी की एक नई कोशिश सामने आई है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाए गए। इन प्रोफाइल्स से अधिकारियों, परिचितों और अन्य लोगों को संदेश भेजे गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार संदेशों का उद्देश्य अनुचित लाभ लेना था।
निगम आयुक्त को यह जानकारी विगत दिनों में मिली। मामला सामने आते ही उन्होंने तत्काल आंतरिक स्तर पर चेतावनी जारी की। निगम के विभिन्न आधिकारिक समूहों में संदेश भेजकर अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि फर्जी नंबरों और नकली खातों से आने वाले संदेशों का जवाब न दिया जाए।
फर्जी प्रोफाइल से संदेश भेजकर लाभ लेने की कोशिश
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ठगों ने आयुक्त की तस्वीर को प्रोफाइल पिक्चर बनाकर विश्वसनीयता दिखाने की कोशिश की। इसके बाद अलग-अलग नंबरों या फर्जी खातों से लोगों को संपर्क किया गया। ऐसे मामलों में आम तौर पर त्वरित प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की जाती है, इसलिए निगम ने इस चेतावनी को प्राथमिकता के साथ साझा किया।
आयुक्त कार्यालय की ओर से कहा गया कि किसी भी संदेश की पहचान केवल फोटो देखकर न करें। प्रोफाइल तस्वीर सार्वजनिक हो सकती है और उसका गलत उपयोग संभव है। ऐसे में सत्यापन केवल आधिकारिक नंबर से ही किया जाए।
आयुक्त ने आधिकारिक नंबर की पुष्टि की
 सिंघल ने अपने संदेश में यह बिंदु प्रमुखता से रखा कि उनका आधिकारिक संपर्क सिर्फ एक ही नंबर है। उन्होंने कर्मचारियों और संबंधित लोगों से अपील की कि अन्य नंबरों से आने वाले संदेशों को वैध न मानें।

“मेरा आधिकारिक नंबर केवल CUG का नंबर 7440448040 है।” — श्री क्षितिज सिंघल, निगम आयुक्त

इस स्पष्ट सूचना का उद्देश्य किसी भी भ्रम को तुरंत समाप्त करना है। निगम के भीतर और बाहर संपर्क रखने वाले लोगों से कहा गया है कि नंबर सत्यापित किए बिना किसी संदेश पर प्रतिक्रिया न दें।
पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना, कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है। आयुक्त की ओर से इस संबंध में पत्र भी भेजा गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है ताकि फर्जी खातों और संबंधित नंबरों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।
निगम ने अपने अधिकारियों को यह भी कहा है कि यदि किसी संदिग्ध नंबर से आयुक्त के नाम पर संदेश मिले तो तत्काल वरिष्ठों को जानकारी दें। जरूरत पड़ने पर साइबर अपराध से जुड़े प्रोटोकॉल के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।
कर्मचारियों और नागरिकों के लिए स्पष्ट सलाह
नगर निगम ने दोहराया है कि आयुक्त के आधिकारिक नंबर 7440448040 के अलावा किसी अन्य नंबर से आए संदेशों पर भरोसा न करें। न जवाब दें, न कोई व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करें। यदि संदेश में तात्कालिकता या दबाव बनाया जाए तो पहले सत्यापन करें।
प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे प्रभावी बचाव है। पहचान के लिए नाम और फोटो पर्याप्त नहीं होते। आधिकारिक नंबर, संस्थागत पुष्टि और लिखित सत्यापन को ही आधार बनाया जाए। इंदौर नगर निगम ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि संदिग्ध संदेशों की सूचना तुरंत दें, ताकि आगे ठगी की कोशिशों को रोका जा सके।