भोपाल : अयोध्या बायपास पर 8 जनवरी एनजीटी सुनवाई से पहले आधे पेड़ कटे

Bhopal News : भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के तहत एनएचएआई ने नगर निगम की मदद से किनारे के लगभग आधे पेड़ों की कटाई कर दी है। यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के 8 जनवरी तक रोक वाले आदेश से पहले ही पूरी की गई।

परियोजना में आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे हिस्से को 10 लेन में बदला जाना है, जिसकी लागत 836.91 करोड़ रुपये है। यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया दिसंबर 2023 में पूरी हुई थी।

नियमों के अनुसार पेड़ कटाई के लिए सभी सरकारी अनुमतियां एनएचएआई को लेनी थीं, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही मामला एनजीटी में पहुंच गया। बाद में एनजीटी ने आदेश दिया कि शहरों में 25 से अधिक पेड़ काटने की अनुमति केवल हाई लेवल कमेटी देगी।

एनएचएआई का पक्ष

एनएचएआई सूत्रों का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट जमा की जा चुकी है, लेकिन एनजीटी ने उसे नहीं देखा। एजेंसी का दावा है कि अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश की जाएगी और 7,871 पेड़ों के बदले 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे।

विरोध और आंदोलन

पेड़ों की कटाई के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने मौके पर जाकर विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और अन्य कार्यकर्ताओं ने मास्क पहनकर प्रदर्शन किया। पर्यावरणविद उमाशंकर तिवारी ने बताया कि कटे पेड़ों की उम्र 80 से 100 साल के बीच है और नए पौधों को बड़े पेड़ बनने में वर्षों लगेंगे।

गुरुवार को पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी विरोध में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर हरियाली का नुकसान स्वीकार नहीं किया जा सकता और एनएचएआई को कटाई रोकनी चाहिए।अब शेष पेड़ों का भविष्य 8 जनवरी की एनजीटी सुनवाई पर निर्भर करेगा, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर पर्यावरण समूह सक्रिय हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।