स्वतंत्र समय, इंदौर
भोपाल में अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप की बड़ी खेप पकड़ी गई है। खास बात यह है कि ये कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने की है। पकड़ी गई इन दवाओं ( drugs ) की ब्लैक मार्केट में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी जा रही है। क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुछ दिनों पहले इंदौर निवासी मोइनुद्दीन उर्फ मोना और शावेज को 360 नग कोडीन सिरप बोतल के साथ गिरफ्तार किया था। दूसरी कार्रवाई में इंदौर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू यादव को 1950 नग अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा था। डीसीपी ने बताया कि दोनों ही मामलों में आरोपियों से सप्लाई करने वाली चेन की जानकारी निकाली थी। टीम को भोपाल में इसकी लिंक मिली। इसके बाद दबिश देकर बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की है।
drugs में 9 लाख से ज्यादा टैबलेट और सिरप बरामद
सीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी बोले-भोपाल के हनुमानगंज थाने से 100 से 200 मीटर दूर ही एक गोडाउन था। जहां पर उसने माल छिपा रखा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोडाउन से 12 कार्टून बॉक्स अल्प्राजोलम टैबलेट (9 लाख 30 हजार नग) और 40 कार्टून बॉक्स कोडीन सिरप (5240 नग बोतल) बरामद की है। इंदौर से क्राइम ब्रांच ने शनिवार सुबह 7 बजे तक टीम ने यहां वीडियो ग्राफी और जब्ती की कार्रवाई की। इसके बाद आरोपियों को लेकर टीम दोपहर करीब 12 बजे इंदौर पहुंची। दोपहर में करीब 3.30 बजे पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया।
सुबह और रात में करते थे व्यापार
पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि अगर कोई बड़ी मात्रा में माल लेने आता था तो उसे सुबह 9 बजे के पहले या रात को 9 बजे के बाद ही माल दिया करते थे। दिन में इस काम को पूरी तरह से गोपनीय रखते थे, ताकि किसी को पता न चल सके। आरोपी सतना-रीवा सहित प्रदेश के अन्य जगह पर भी अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे। फिलहाल तीनों से पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।