Bhopal : भोपाल शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित जीजी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव 23 जनवरी को 154 करोड़ रुपये की लागत से बने इस शहर के सबसे बड़े फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे।
फ्लाईओवर की खासियतें
यह 2900 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर गणेश मंदिर से लेकर गायत्री मंदिर तक फैला हुआ है। यह मैदा मिल मार्ग को शहर के प्रमुख रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्रों से जोड़ता है, जिनमें विद्या नगर, शक्ति नगर, कस्तूरबा नगर, साकेत नगर, दानिश नगर, आशिमा मॉल और एम्स शामिल हैं। इसके अलावा, यह मार्ग औबेदुल्लागंज, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा और जबलपुर जैसे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी सुगम यात्रा का विकल्प प्रदान करेगा।
यातायात प्रबंधन में बड़ी मदद
जीजी फ्लाईओवर शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों, जैसे डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस, प्रगति पेट्रोल पंप और मानसरोवर चौराहे पर यातायात के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, शहर का 60% यातायात अब इस फ्लाईओवर से होकर गुजरेगा, जिससे पुराने मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
शहरवासियों के लिए बड़े फायदे
- समय की बचत: फ्लाईओवर से यात्रा सुगम होने के कारण लोग समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
- वाहन प्रदूषण में कमी: ट्रैफिक जाम कम होने से वाहन प्रदूषण में कमी आएगी, जो पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा।
- राज्य कार्यालयों के कर्मचारियों को राहत: फ्लाईओवर की एक शाखा डीबी मॉल से भोपाल हाट की ओर जाती है, जिससे वल्लभ भवन और अरेरा हिल्स स्थित सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
यह फ्लाईओवर न केवल ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगा, बल्कि शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देगा। अब भोपालवासियों के लिए यातायात एक परेशानी नहीं, बल्कि एक आसान और तेज़ सफर बन जाएगा।