भोपाल मेट्रो का मेगा विस्तार, अब सीहोर और मंडीदीप तक दौड़ेगी ट्रेन, फिजिबिलिटी सर्वे शुरू

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भोपाल मेट्रो को पास के औद्योगिक शहर मंडीदीप और जिला मुख्यालय सीहोर तक बढ़ाने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे शुरू कर दिया है। यह कदम भोपाल को एक बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, मेट्रो लाइन को दो दिशाओं में विस्तारित करने का प्रस्ताव है। एक रूट भोपाल से मंडीदीप तक लगभग 25 किलोमीटर का होगा, जबकि दूसरा रूट भोपाल से सीहोर तक लगभग 40 किलोमीटर का होगा। सर्वे पूरा होने में 6 से 8 महीने लगने का अनुमान है, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।

सर्वे में इन पहलुओं पर होगा फोकस

फिजिबिलिटी सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसमें प्रस्तावित रूट पर यात्रियों की संख्या का आकलन, रूट का सटीक अलाइनमेंट, स्टेशनों के लिए संभावित स्थान, निर्माण की लागत और परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता शामिल है। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि यह प्रोजेक्ट कितना सफल हो सकता है और इसे कैसे आगे बढ़ाया जाएगा।

इस सर्वे से यह भी स्पष्ट होगा कि रूट एलिवेटेड होगा या अंडरग्राउंड और इसके लिए कितनी जमीन की आवश्यकता होगी। अधिकारियों का लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर एक तेज और सुगम परिवहन नेटवर्क बनाना है, जो आसपास के शहरों को राजधानी से जोड़े।

फेज-1 का काम भी तेजी पर

एक तरफ जहां फेज-2 के विस्तार की तैयारी चल रही है, वहीं भोपाल मेट्रो के फेज-1 का काम भी तेजी से जारी है। फेज-1 में कुल 29.62 किलोमीटर के दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं।

  • ऑरेंज लाइन: यह लाइन करोंद से एम्स तक 16.74 किलोमीटर लंबी है।
  • ब्लू लाइन: यह भदभदा चौराहे से रत्नागिरी तिराहे तक 12.88 किलोमीटर लंबी है।

पिछले साल अक्टूबर में सुभाष नगर से एम्स तक 8 किलोमीटर के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो का सफल ट्रायल रन भी हो चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही इस हिस्से में यात्री सेवाएं शुरू हो जाएंगी।

क्यों खास है यह विस्तार?

भोपाल का यह मेट्रो विस्तार सिर्फ परिवहन का एक साधन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का एक बड़ा जरिया भी साबित हो सकता है। मंडीदीप एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां हजारों लोग रोजाना भोपाल से आवागमन करते हैं। इसी तरह, सीहोर एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय है और भोपाल पर काफी हद तक निर्भर है।

मेट्रो के जुड़ जाने से इन शहरों के लोगों के लिए यात्रा तेज, सुरक्षित और सस्ती हो जाएगी। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। साथ ही, रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह विस्तार मध्य प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा देगा।