‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के खिलाफ भोपाल में आक्रोश: नासिक TCS मामले को लेकर बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, फूंके पुतले

भोपाल: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक इकाई में महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज मामले की गूँज अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक पहुँच गई है।

बुधवार को बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भोपाल के व्यस्ततम एम.पी. नगर क्षेत्र में उतरकर इस घटना के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” करार देते हुए आरोपियों को फांसी देने की मांग की है।

भोपाल में नारेबाजी और पुतला दहन

बजरंग दल के कार्यकर्ता दोपहर में एम.पी. नगर में एकत्रित हुए, जहाँ उन्होंने दाढ़ी और टोपी वाले एक सांकेतिक पुतले के साथ जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। कार्यकर्ताओं ने “इस्लामिक जिहाद मुर्दाबाद”, “लव जिहाद बंद करो” और “देश के गद्दारों को गोली मारो” जैसे विवादित और उग्र नारे लगाए।

संगठन के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी के भीतर हिंदू बेटियों का धर्म परिवर्तन कराना और उन्हें गोमांस खाने पर मजबूर करना एक गहरी साजिश का हिस्सा है। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

क्या है नासिक का ‘TCS मामला’?

नासिक की इस आईटी कंपनी में पिछले चार वर्षों से चल रहा यह काला खेल तब उजागर हुआ, जब कुछ पीड़ित महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुँचे। शिकायत के अनुसार, कंपनी के कुछ मुस्लिम टीम लीडर्स और एचआर मैनेजर मिलकर हिंदू कर्मचारियों पर इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहे थे। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये भी कहा जा रहा है कि इस मामले में मुख्य केंद्र बिंदू महिला एचआर निदा खान की भूमिका रही।

News Article Hero Image पीड़ितों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप:

  • धार्मिक प्रताड़ना: हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना और ऑफिस के भीतर ही जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना।

  • यौन शोषण: प्रमोशन और बेहतर नौकरी का लालच देकर महिला कर्मचारियों का शारीरिक शोषण करना।

  • खाद्य जिहाद: शाकाहारी हिंदू कर्मचारियों को डरा-धमकाकर जबरन गोमांस खिलाना।

  • पहनावे पर पाबंदी: लड़कियों को लिपस्टिक लगाने, बिंदी लगाने और पारंपरिक हिंदू पहनावे से रोका जाता था।

अंडरकवर महिला पुलिसकर्मियों ने खोला राज

गौरतलब है कि इस मामले में सबूत जुटाना बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आरोपी संगठित तरीके से काम कर रहे थे। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में महिला पुलिसकर्मियों को भेष बदलकर कर्मचारी के रूप में कंपनी के भीतर भेजा। इन महिला पुलिसकर्मियों ने कई दिनों तक कंपनी के भीतर रहकर टीम लीडर्स के व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके को रिकॉर्ड किया। जांच में 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें अश्लील हरकतें और गलत तरीके से छूने के सबूत मिले।

‘वीकेंड ट्रिप’ के नाम पर होता था खेल

सूत्रो के अनुसार पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है। आरोपी अधिकारी पहले नई लड़कियों को अपने भरोसे में लेते थे। उन्हें करियर में बड़े मौके देने के बहाने ‘वीकेंड ट्रिप’ पर वाटर पार्क या रिसॉर्ट ले जाया जाता था। वहाँ लड़कियों को नशीले पदार्थ दिए जाते थे और उनके साथ गलत काम किया जाता था, जिसका इस्तेमाल बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने में किया जाता था।

सात आरोपी गिरफ्तार, SIT का गठन

सूत्रो के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में छह टीम लीडर—आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाह रुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, और दानिश शेख—शामिल हैं। इनके साथ ही एचआर मैनेजर अश्विनी छनानी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर पीड़ितों की शिकायतों को दबाने और उन्हें चुप रहने के लिए धमकाने का आरोप है। राज्य सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: “यह कॉर्पोरेट जिहाद है”

इस मामले पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ बताते हुए कहा कि इसकी फंडिंग की जांच होनी चाहिए कि आखिर किसके इशारे पर आईटी सेक्टर में इस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

वहीं जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल एक कंपनी का मामला नहीं हो सकता, इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है जो प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी का लालच देकर युवाओं को गुमराह कर रहा है।

पीड़ितों की चुप्पी और बदलाव

सूत्रो के मुताबिक जांच में यह भी पाया गया कि पिछले कुछ महीनों में पीड़ित लड़कियों के व्यवहार में अचानक बदलाव आया था। उन्होंने रोजा रखना शुरू कर दिया था और अपनी पुरानी सहेलियों से दूरी बना ली थी। जब लड़कियों के परिजनों ने यह बदलाव देखा और पुलिस को गुप्त सूचना मिली, तब जाकर इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।

फिलहाल, भोपाल से लेकर नासिक तक हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले के मास्टरमाइंड पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को देशव्यापी बनाया जाएगा।