1.71 लाख वाहनों में फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज, 31 जनवरी तक सुधार का अल्टीमेटम

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने राजधानी भोपाल में पंजीकृत वाहनों के डेटाबेस में एक बड़ी विसंगति पकड़ी है। विभाग की जांच में सामने आया है कि शहर में लगभग 1 लाख 71 हजार गाड़ियां ऐसी हैं, जिनके रजिस्ट्रेशन में वाहन मालिकों के असली मोबाइल नंबर दर्ज ही नहीं हैं। इन वाहनों के दस्तावेजों में या तो शोरूम के कर्मचारियों ने अपने नंबर डाल दिए हैं या फिर ‘9999999999’ जैसे फर्जी नंबरों का इस्तेमाल किया गया है।

इस गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने ऐसे सभी वाहन मालिकों को 31 जनवरी तक का समय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तारीख तक मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए गए, तो इन वाहनों से संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाओं पर रोक लगा दी जाएगी।

डीलर और एजेंटों की जल्दबाजी का नतीजा

परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से वाहन डीलर और आरटीओ एजेंटों की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। नई गाड़ी खरीदते समय या पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के दौरान, एजेंट प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने के लिए ग्राहक का नंबर वेरीफाई करने के बजाय कोई भी डमी नंबर सिस्टम में डाल देते हैं।

इस ‘शॉर्टकट’ के चलते वाहन मालिक का नंबर आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाता। इसका सीधा असर यह होता है कि वाहन से जुड़ी जरूरी सूचनाएं, जैसे बीमा समाप्ति, फिटनेस सर्टिफिकेट या ई-चालान के मैसेज, असली मालिक तक नहीं पहुंच पाते।

31 जनवरी के बाद बंद हो जाएंगी सुविधाएं

आरटीओ ने साफ कर दिया है कि यह केवल डेटा सुधार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से एक अनिवार्य कदम है। 31 जनवरी की समयसीमा बीतने के बाद, जिन वाहनों के नंबर अपडेट नहीं होंगे, उनके मालिक ‘वाहन पोर्टल’ पर किसी भी तरह का आवेदन नहीं कर सकेंगे।

इसमें रजिस्ट्रेशन का ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट रिन्यूअल और पता बदलने जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। विभाग का मानना है कि जब तक डेटाबेस में सही संपर्क सूत्र नहीं होगा, तब तक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना और ई-चालान भेजना मुश्किल बना रहेगा।

घर बैठे ऐसे करें नंबर अपडेट

वाहन मालिकों को आरटीओ दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। वे घर बैठे ही परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:

सबसे पहले Parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं और ‘ऑनलाइन सर्विसेज’ सेक्शन में ‘व्हीकल रिलेटेड सर्विसेज’ का विकल्प चुनें। इसके बाद ‘मध्य प्रदेश’ राज्य का चयन करें। यहां आपको ‘मोबाइल नंबर अपडेट’ का विकल्प मिलेगा।

इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद, आपको गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद आधार आधारित ऑथेंटिकेशन के जरिए आप अपना नया मोबाइल नंबर रजिस्टर कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और निशुल्क है।

ई-चालान की पेंडेंसी खत्म करना लक्ष्य

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सही मोबाइल नंबर न होने के कारण हजारों ई-चालान पेंडिंग पड़े हैं। जब ट्रैफिक पुलिस चालान जनरेट करती है, तो मैसेज गलत नंबर पर चला जाता है और वाहन मालिक को इसकी जानकारी ही नहीं मिलती। बाद में कोर्ट के समन आने पर उन्हें पता चलता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इसी कम्युनिकेशन गैप को खत्म करना है ताकि वाहन मालिक समय पर अपने चालान भर सकें और कानूनी पचड़ों से बच सकें।