मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो पहिया वाहन चालकों के लिए अब बिना हेलमेट घर से निकलना मुश्किल हो सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में कमी लाना और लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर के प्रमुख मार्गों, तिराहों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जो भी वाहन चालक बिना हेलमेट के पाया जा रहा है, उसे रोककर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्ती आने वाले दिनों में और भी बढ़ाई जा सकती है।
हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर समय-समय पर सख्त निर्देश देता रहा है। पूर्व में भी न्यायालय ने पुलिस को हेलमेट चेकिंग अभियान को निरंतर जारी रखने को कहा था। इसी कड़ी में भोपाल पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता है।
नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे घर से निकलते समय हेलमेट जरूर पहनें। इसके अलावा, वाहन के आवश्यक दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन कार्ड और बीमा के कागज भी साथ रखें। चेकिंग के दौरान दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर अतिरिक्त जुर्माना भरना पड़ सकता है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
जागरूकता और सख्ती साथ-साथ
प्रशासन का जोर केवल दंडित करने पर ही नहीं है। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी लोगों को हेलमेट पहनने के फायदे भी समझा रहे हैं। हालांकि, बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जा रहा है। नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।