भोपाल में मतदाता सूची शुद्धिकरण: 1.16 लाख से अधिक संदिग्ध वोटरों की जांच आज, BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

भोपाल में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मतदाता सूची के शुद्धिकरण के तहत आज शहर के 1 लाख 16 हजार 925 संदिग्ध मतदाताओं की जांच की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए विशेष तैयारी की है और सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को मैदानी स्तर पर सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।

यह कवायद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी, दोहरे या मृत मतदाताओं के नाम हटाना है। आज के इस विशेष अभियान में बीएलओ घर-घर जाकर इन चिन्हित मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे।

घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

इस अभियान के तहत बीएलओ उन पतों पर जाएंगे जो मतदाता सूची में दर्ज हैं। वहां वे यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में वहां निवास करता है या नहीं। यदि कोई मतदाता अपने पते पर नहीं मिलता है, तो उसका पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, जो लोग स्थायी रूप से पता बदल चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्यों उठी जांच की जरूरत?

दरअसल, मतदाता सूची में विसंगतियों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। कई बार एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में या एक ही क्षेत्र में दो बार दर्ज होने की शिकायतें मिलती हैं। इसके अलावा, मृत व्यक्तियों के नाम सूची में बने रहना भी एक बड़ी समस्या है। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए ही ‘इमेज सिमिलर एंट्री’ (ISE) और ‘डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री’ (DSE) के आधार पर संदिग्ध नामों की सूची तैयार की गई है।

राजनीतिक दलों की भी नजर

मतदाता सूची शुद्धिकरण का यह काम राजनीतिक दलों के लिए भी बेहद अहम है। आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल चाहते हैं कि सूची एकदम सटीक हो। जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि वे अपने स्तर पर भी सूची की जांच करें और यदि कोई विसंगति मिलती है तो बीएलओ को सूचित करें।

प्रशासन का लक्ष्य है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले सभी प्रकार की त्रुटियों को दूर कर लिया जाए। आज का यह अभियान इसी कड़ी में एक बड़ा प्रयास है, जिससे भविष्य में होने वाले चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।