Bhopal News : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 20 मौतों के मामले ने पूरे प्रदेश को सचेत कर दिया है। इसी कड़ी में अब राजधानी भोपाल के पानी में भी खतरनाक ‘ई-कोलाई’ (E. coli) बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के चार सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। ये सैंपल खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के ग्राउंड वाटर (भूजल) के थे।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को कुल 250 पानी के नमूनों का परीक्षण किया था। इनमें से चार नमूनों में बैक्टीरिया पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दो सैंपल आदमपुर खंती के पास के हैं, एक वाजपेयी नगर के पास नलकूप का और एक सैंपल खानूगांव स्थित कुएं का है।
अफसरों का तर्क- सप्लाई का पानी सुरक्षित
सैंपल फेल होने के बाद भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने सफाई दी है। उनका कहना है कि जिन इलाकों के सैंपल फेल हुए हैं, वहां सप्लाई का पानी (पाइपलाइन वाला) दूषित नहीं है, बल्कि यह समस्या ग्राउंड वाटर की है।
“आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव क्षेत्र में भूजल आधारित स्रोतों से वाटर सप्लाई नहीं किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से इन इलाकों में लोग फिलहाल भूजल स्रोतों के पानी का इस्तेमाल न करें।” — नगर निगम अधिकारी
प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर प्रभावित जल स्रोतों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
22 वार्ड ‘डेंजर जोन’ में, सीवेज से मिल रहा पानी
शहर की जल प्रदाय व्यवस्था की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि भोपाल के करीब 22 वार्ड ‘डेंजर जोन’ में हैं। इन इलाकों में लगभग 400 किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन सीवेज लाइन के साथ-साथ बिछी हुई है। ये पाइपलाइन काफी पुरानी और लोहे की हैं, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इसी कारण यहां सबसे ज्यादा लीकेज होते हैं और सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल जाता है।
