भोपाल में पुराने शहर के बाजार होंगे नए इलाके में शिफ्ट, जयपुर मॉडल पर तैयार होगी नई मार्केट योजना

भोपाल के पुराने शहर में स्थित भीड़-भाड़ वाले बाजारों को अब स्मार्ट सिटी के एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) प्रोजेक्ट के तहत नई जगह पर शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। दवा बाजार, किराना मंडी, कपड़ा बाजार और सर्राफा बाजार जैसे पारंपरिक व्यापारिक केंद्र धीरे-धीरे नए भोपाल की ओर शिफ्ट होंगे। प्रशासन का कहना है कि बाजारों को शिफ्ट करते समय उनकी मूल पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक महत्त्व को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए टीम सर्वे और अध्ययन करेगी, ताकि व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण तैयार किया जा सके।

जयपुर मॉडल पर होगा बाजारों का विकास

इस पूरी योजना को राजस्थान की राजधानी जयपुर के मशहूर “बापू बाजार” मॉडल पर आधारित किया गया है। जयपुर के बाजार अपने सुनियोजित लेआउट और स्थापत्य कला के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। यहां ग्रिड पैटर्न पर सड़कें बनाई गई हैं, जिससे भारी भीड़ होने पर भी यातायात बाधित नहीं होता। दुकानों का डिज़ाइन और आकार एक समान है, जिससे पूरा बाजार आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई देता है। साथ ही, पार्किंग, शौचालय और अन्य सुविधाएं भी बाजार के भीतर ही उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को खरीदारी करने में आसानी होती है और व्यापारियों को भी बेहतर माहौल मिलता है। यही कारण है कि जयपुर का यह मॉडल पर्यटकों और खरीदारों के लिए बेहद लोकप्रिय है।

भोपाल के बी-न्यू मार्केट की नई परिकल्पना

भोपाल में प्रस्तावित “बी-न्यू मार्केट” की अवधारणा भी कुछ हद तक जयपुर के बापू बाजार से प्रेरित है। यहां बाजार को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वह शहर की पहचान बने और देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर सके। नए बाजार में दुकानों का लेआउट व्यवस्थित होगा और यहां आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। स्मार्ट सिटी एबीडी क्षेत्र में पहले से बने “स्मार्ट हाट” के आसपास 99 प्लॉट्स चिन्हित किए गए हैं, जहां इन बाजारों को व्यवस्थित तरीके से स्थापित किया जाएगा।

ऐतिहासिक पहचान और विरासत को मिलेगा संरक्षण

प्रशासन का मानना है कि भोपाल के पुराने बाजार केवल खरीदारी के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी हिस्सा हैं। इसलिए नए स्वरूप में इन बाजारों को विकसित करते समय उनकी पारंपरिक पहचान को बनाए रखना बेहद जरूरी है। जयपुर मॉडल की तरह यहां भी ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखते हुए बाजारों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, यातायात की समस्या को दूर करने के लिए नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी होगी।

पुराने बाजारों की रौनक भी बनी रहेगी

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जब बाजार का एक हिस्सा नए भोपाल में शिफ्ट होगा, तब पुराने क्षेत्रों में भीड़ कम होगी। इससे वहां अतिरिक्त जगह निकलेगी, जिस पर पार्किंग और अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य यह है कि पुराने बाजारों की रौनक कम न हो और वहां आने वाले ग्राहकों को भी सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

समिति और जिम्मेदार अधिकारी

इस पूरे प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। इसमें एडीएम, अपर निगम आयुक्त, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के इंजीनियर और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति का काम होगा कि बाजारों के स्थानांतरण और विकास कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए और व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांसद का लोकल फॉर वोकल पर जोर

सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में “लोकल फॉर वोकल” की तर्ज पर काम किया जाएगा। स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि भोपाल के नए बाजार इस तरह डिजाइन किए जाएंगे कि वे स्थानीय उत्पादों और व्यापार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शहर के आर्थिक विकास में भी योगदान दें।