Aadhar Card: केंद्र सरकार ने आधार कार्ड सत्यापन में बड़ा बदलाव करते हुए अब निजी कंपनियों को मोबाइल ऐप्स में आधार-आधारित चेहरा सत्यापन (Face Authentication) जोड़ने की अनुमति दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के लिए निजी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और पेपरलेस बनाना है। नए नियमों के तहत, विभिन्न ऐप और सेवाओं में इस तकनीक के शामिल होने से वेरिफिकेशन में कम समय लगेगा, जिससे डिजिटल सेवाओं की सुविधा और भरोसेमंदता बढ़ेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आधार कार्ड सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए swik.meity.gov.in पोर्टल लॉन्च किया है। बीते सप्ताह सरकार ने “आधार सुशासन पोर्टल” पेश किया, जिससे आधार प्रमाणीकरण अनुरोधों की अनुमोदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। यह कदम जनवरी में किए गए संशोधन का हिस्सा है, जिसमें निजी संस्थाओं को विशिष्ट आईडी सत्यापन प्रणाली तक दोबारा पहुंच प्रदान की गई है। इस नए पोर्टल से कंपनियां तेजी से आधार वेरिफिकेशन कर सकेंगी, जिससे डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाना और अधिक सुगम हो जाएगा।
आधार सुशासन पोर्टल के शुभारंभ के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में यूआईडीएआई (UIDAI) के सीईओ भुवनेश कुमार, एनआईसी (NIC) के महानिदेशक इंद्र पाल सिंह सेठी, यूआईडीएआई के डीडीजी मनीष भारद्वाज, और MeitY, यूआईडीएआई तथा एनआईसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस पोर्टल के माध्यम से आधार सत्यापन प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
आधार अधिनियम में संशोधन कर निजी कंपनियों को आधार ऑथेंटिकेशन की सुविधा देने से आम लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। अब ई-केवाईसी, एग्जाम रजिस्ट्रेशन और अन्य सेवाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस बदलाव से कंपनियां अपने कर्मचारियों की हाजिरी और ग्राहकों की पहचान व सत्यापन भी आसानी से कर सकेंगी। इसके अलावा, अब लोग कहीं से भी और कभी भी चेहरा सत्यापन के जरिए सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे, जिससे प्रक्रियाएं अधिक तेज, सुरक्षित और पेपरलेस हो जाएंगी।