नई दिल्ली/लखनऊ: वैश्विक स्तर पर जारी ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया के संघर्षों के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों को लेकर एक चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है।
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती की घोषणा की है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर महज 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह शून्य कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के शहरों का वर्तमान हाल
वर्तमान में यूपी के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें इस प्रकार हैं:
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लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69, डीजल ₹87.81
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नोएडा: पेट्रोल ₹94.74, डीजल ₹87.81
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प्रयागराज: पेट्रोल ₹95.58, डीजल ₹88.79
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वाराणसी/गोरखपुर: पेट्रोल ₹95.11, डीजल ₹88.30 के करीब
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मेरठ/आगरा: पेट्रोल ₹94.50 के आसपास
क्या वास्तव में सस्ते होंगे दाम?
सरकार के इस कदम को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहाँ आम जनता को उम्मीद है कि यूपी में तेल ₹10 तक सस्ता हो सकता है, वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि यह राहत सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को न मिलकर तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए हो सकती है।
विशेषज्ञों का मत: यदि तेल कंपनियां इस कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं देती हैं, तो पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस बने रहेंगे। इस स्थिति में एक्साइज ड्यूटी घटने का मतलब केवल तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा।
एक्साइज ड्यूटी और वैट का गणित
चूंकि पेट्रोल और डीजल अभी GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इनकी कीमतों पर दो तरह के मुख्य टैक्स लगते हैं:
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एक्साइज ड्यूटी: यह केंद्र सरकार वसूलती है।
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वैट (VAT): यह राज्य सरकारें अपने हिसाब से लगाती हैं।