EOW उज्जैन का बड़ा खुलासा! करोड़ों की अवैध संपत्ति के साथ सहायक प्रबंधक पकड़ा गया

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) उज्जैन ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त अनिल सुहाने के ठिकानों पर छापा मारा। इस कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसने सभी को चौंका दिया है।

तीन हजार वेतन से शुरुआत, अब करोड़ों की संपत्ति

अनिल सुहाने ने 1991 में उज्जैन जिला सहकारी बैंक में सब-इंजीनियर के रूप में 3000 रुपये वेतन पर नौकरी शुरू की थी। 31 दिसंबर 2024 को सहायक प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त होने तक उन्हें कुल 70 लाख रुपये का वेतन मिला। लेकिन उनकी वर्तमान संपत्ति का मूल्य 6 करोड़ से अधिक पाया गया है।

EOW की छापेमारी: क्या-क्या मिला?

छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ। जानिए प्रमुख संपत्तियों का विवरण:

  • आलीशान तीन मंजिला भवन: बसंत विहार कॉलोनी, उज्जैन में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित।
  • चार मंजिला व्यवसायिक भवन: इंदौर-उज्जैन रोड पर 2400 वर्गफीट में बना।
  • बेशकीमती प्लॉट: क्षिप्रा विहार में 2300 वर्गफीट का प्लॉट।
  • विनय नगर में प्लॉट: 650-650 वर्गफीट के 2 प्लॉट।
  • दुकानें: दवाबाजार में 600-600 वर्गफीट की 2 दुकानें।
  • नकद और आभूषण: 9 लाख से अधिक नकद और लाखों के सोने-चांदी के आभूषण।
  • वाहन: 3 चारपहिया और 3 दोपहिया वाहन।
  • बैंक लॉकर और अकाउंट्स: 3 लॉकर और कई बैंक अकाउंट्स, जिनकी जांच जारी है।

कैसे हुआ इतना बड़ा घोटाला?

जांच में पता चला कि अनिल सुहाने ने कृषि ऋण योजनाओं के तहत वितरित राशि में अनियमितता और भ्रष्टाचार से यह संपत्ति अर्जित की।

EOW की कार्रवाई जारी

उज्जैन EOW के उप पुलिस अधीक्षक संदीप निगवाल के नेतृत्व में 30 सदस्यीय टीम यह कार्रवाई कर रही है। छापेमारी अभी जारी है, और संपत्ति का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है।