Financial Year 2026-27:1 अप्रैल 2026 से देश की कर व्यवस्था में एक युगांतरकारी बदलाव होने जा रहा है। ‘नया इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होने के साथ ही आम आदमी की जेब और टैक्स फाइलिंग के तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे। इस नए कानून का सबसे बड़ा आकर्षण ₹12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स मुक्त करना है, जो मध्यम वर्ग के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
आम आदमी पर सीधा असर डालने वाले 4 बड़े बदलाव:
सरल टैक्स स्ट्रक्चर और नई नंबरिंग: अब जटिलताओं को खत्म करने के लिए सिर्फ एक ‘टैक्स ईयर’ होगा। साथ ही, पुराने सेक्शन नंबर बदल दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, निवेश पर छूट दिलाने वाला मशहूर सेक्शन 80C अब सेक्शन 123 के नाम से जाना जाएगा। इससे टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी।
HRA और शिक्षा भत्ते में भारी बढ़ोतरी: रेंट पर रहने वाले कर्मचारियों के लिए HRA नियमों में सुधार किया गया है। सबसे खास बात यह है कि बच्चों की शिक्षा पर मिलने वाली छूट, जो दशकों से मात्र ₹100 थी, उसे बढ़ाकर अब ₹3,000 कर दिया गया है। यह बदलाव सीधे तौर पर परिवार के बजट को राहत देगा।
देरी से ITR पर भी मिलेगा रिफंड: अब तक समय सीमा के बाद रिटर्न भरने पर रिफंड रुक जाता था, लेकिन नए नियमों के तहत लेट आईटीआर (Late ITR) भरने वालों को भी उनका रिफंड मिल सकेगा। इसके अलावा, डिजिटल एक्सेस के नियमों को कड़ा किया गया है; अब टैक्स अधिकारी केवल गंभीर चोरी के मामलों में ही डिजिटल डेटा की जांच कर पाएंगे।
निवेश और ट्रेडिंग पर नया गणित: यदि आप शेयर बाजार या गोल्ड बॉन्ड में निवेश करते हैं, तो सावधान रहें। स्टॉक एक्सचेंज से खरीदे गए SGB (गोल्ड बॉन्ड) पर 12.5% टैक्स लगेगा। साथ ही, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर STT की दरें बढ़ा दी गई हैं, जिससे ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
निष्कर्ष: सरकार का यह कदम टैक्स बेस बढ़ाने और ईमानदार करदाताओं को प्रक्रियागत जटिलताओं से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।