कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, अजय लल्लू बने ओडिशा के प्रभारी तो नसीर हुसैन को मिली जम्मू-कश्मीर में अहम जिम्मेदारी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में बड़े बदलावों का ऐलान किया। इसमें कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नए एआईसीसी महासचिव और प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि कुछ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया गया है। जिन नेताओं को पद से हटाया गया है, उनमें दीपक बबेरिया, मोहन प्रकाश, भारत सिंह राकांपा, राजीव शुक्ला, मंडली यादव और अजय कुमार शामिल हैं। इन नेताओं से राज्यों के प्रभार वापस ले लिए गए हैं।

नई नियुक्तियाँ और बदलाव

कांग्रेस के बयान के अनुसार, भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया गया है। नासिर हुसैन को जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि रजनी पाटिल को हिमाचल प्रदेश की प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा, बीके हरिप्रसाद को हरियाणा, हरीश चौधरी को मध्य प्रदेश, अजय लल्लू को ओडिशा, के राजू को झारखंड और मीनाक्षी नटराजन को तेलंगाना का प्रभारी बनाया गया है। कृष्णा अल्लावरु को बिहार का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस का यह फैसला

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। हरियाणा में कांग्रेस को पराजय मिली थी, जबकि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन किया था, लेकिन फिर भी कांग्रेस को सरकार में स्थान नहीं मिल सका। ओडिशा में भी कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को निराशा हाथ लगी थी।

पंजाब में भूपेश बघेल की अहम नियुक्ति

पंजाब में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में सात सीटों पर जीत हासिल की थी, और हाल ही में निगम चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा था। हालांकि, पार्टी का मेयर नहीं बन सका था। पंजाब में विपक्षी नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग के बीच विवादों के कारण, भूपेश बघेल की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कृष्णा अल्लावरु की नियुक्ति

बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस ने कृष्णा अल्लावरु को बिहार का प्रभारी नियुक्त किया है। कांग्रेस बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ मिलकर भाजपा और जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ेगी, इसलिए यह नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।