बिहार चुनाव दूसरा चरण: 43% उम्मीदवार करोड़पति, 32% पर आपराधिक केस, ADR रिपोर्ट में बड़े खुलासे

News Delhi : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का रण सज चुका है और उम्मीदवारों की प्रोफाइल चौंकाने वाली है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण के 43% उम्मीदवार करोड़पति हैं, तो वहीं 32% उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। यह आंकड़े राजनीति में धनबल और बाहुबल के गहरे प्रभाव को एक बार फिर उजागर करते हैं।

बता दें कि बिहार चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होना है। इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 1165 पुरुष और 136 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।

अपराध और राजनीति का गठजोड़

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण के 1302 उम्मीदवारों में से 415 (लगभग 32%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से भी 341 प्रत्याशियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, बलात्कार और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। रिपोर्ट ने 73 विधानसभा क्षेत्रों को ‘संवेदनशील’ या ‘रेड अलर्ट’ क्षेत्र घोषित किया है, क्योंकि यहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।

दौलत में कोई अमीर, कोई फकीर

वित्तीय स्थिति के मामले में उम्मीदवारों के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। एक तरफ लौरिया सीट से वीआईपी उम्मीदवार रणकौशल प्रताप सिंह हैं, जिन्होंने 368 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वहीं, गुरुआ से राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार नीतीश कुमार 250 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं।

इसके ठीक उलट, पीरपैंती से बसपा उम्मीदवार सुशील चौधरी ने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति शून्य बताई है। वजीरगंज से मूल निवासी समाज पार्टी के सुरेश राजवंशी ने केवल एक हजार रुपये की संपत्ति घोषित की है। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण के सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.44 करोड़ रुपये है।

उम्र और शिक्षा का लेखा-जोखा

इस चुनावी दंगल में युवा जोश और अनुभव दोनों देखने को मिल रहा है। सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार धमदाहा से राष्ट्रीय जन संभावना पार्टी के 88 वर्षीय भगवान मारेया हैं। वहीं, 6 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनकी उम्र सिर्फ 25 साल है। आंकड़ों के अनुसार, 445 उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के हैं, जबकि 680 उम्मीदवार 40 से 60 वर्ष की आयु के हैं।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 627 उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। 528 उम्मीदवारों की योग्यता पांचवीं से 12वीं के बीच है। वहीं, 117 उम्मीदवार सिर्फ साक्षर हैं और 9 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो हस्ताक्षर तक नहीं कर सकते। इन सबके बीच 15 उम्मीदवार डिप्लोमा होल्डर भी हैं।