बयानबाजी पड़ी भारी: IPS को धमकाने वाले विधायक प्रीतम लोधी को BJP ने थमाया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

शिवपुरी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। अपने बेटे द्वारा थार गाड़ी से पांच लोगों को कुचलने के मामले में पुलिसिया कार्रवाई से बौखलाए विधायक ने अब सीधे ऑन-ड्यूटी IPS अधिकारी आयुष जाखड़ (SDOP करैरा) को खुलेआम धमकी दी है। इस व्यवहार के बाद भाजपा ने कड़ा रुख अपनाते हुए लोधी को कारण बताओ (Show-cause) नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।


ढाई सौ किलो का मुक्का और गोबर की धमकी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नए वीडियो में प्रीतम लोधी बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में मुक्का दिखाते हुए विधायक कह रहे हैं कि पहले उनका हाथ ‘ढाई किलो’ का था, जो अब ‘ढाई सौ किलो’ का हो चुका है। उन्होंने सीधे IPS आयुष जाखड़ को चुनौती देते हुए कहा:

“अगर 15 दिन में एसडीओपी ने स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो मैं 10 हजार लोगों के साथ उनके बंगले का घेराव करूंगा और पूरे बंगले को गोबर से भरवा दूंगा।”

विधायक ने अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से देख लेने की बात कहते हुए यहां तक कह डाला कि “तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना।”
बेटे के ‘रक्षक’ बने विधायक: बदला सुर
हैरानी की बात यह है कि घटना वाले दिन विधायक लोधी ने खुद पुलिस को फोन कर अपने बेटे दिनेश पर मामला दर्ज कराया था। तब उन्होंने ‘जनता को सर्वोपरि’ बताते हुए नैतिकता की दुहाई दी थी। लेकिन जैसे ही जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने सख्ती दिखाई, विधायक के सुर पूरी तरह बदल गए। अब वे अपने बेटे के समर्थन में खुलकर मैदान में आ गए हैं और पुलिस कार्रवाई को बदले की भावना बता रहे हैं।
दागी इतिहास और राजनीतिक रसूख
प्रीतम लोधी का विवादों से पुराना नाता रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों की सूची लंबी है:
  • कुल मामले: विभिन्न समयों पर करीब 37 आपराधिक मामले (हत्या, लूट, अपहरण और बलवा शामिल)।
  • चुनावी हलफनामा: 2023 के विधानसभा चुनाव के अनुसार, वर्तमान में उन पर 9 गंभीर मामले लंबित हैं।
  • कनेक्शन: वे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के करीबी रिश्तेदार माने जाते हैं।
पार्टी की कार्रवाई: 3 दिन की मोहलत
विधायक के इस ‘गुंडई’ वाले आचरण से भाजपा की छवि को भारी नुकसान पहुँचा है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने उनकी बयानबाजी को अनुशासनहीनता और गलत माना है। जारी नोटिस में पूछा गया है कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने अधिकारी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग क्यों किया? यदि तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो लोधी पर निष्कासन जैसी बड़ी गाज भी गिर सकती है।
प्रशासनिक गलियारों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है, क्योंकि एक विधायक खुलेआम एक आईपीएस अधिकारी को काम करने से रोकने के लिए भीड़ और गंदगी का सहारा लेने की धमकी दे रहा है।