मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी Ujjain में आगामी Simhastha की तैयारियों के बीच एक राजनीतिक घटनाक्रम ने अचानक सुर्खियां बटोर लीं। अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी देने वाले बीजेपी विधायक Anil Jain Kalukheda के तेवर अब पूरी तरह बदल गए हैं। सड़क चौड़ीकरण को लेकर पहले जनता के साथ विरोध करने का दावा करने वाले विधायक को देर रात Bhopal बुलाया गया, जहां मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कड़ी नाराजगी जताते हुए समझाइश दी। शीर्ष स्तर की इस सख्ती के बाद विधायक ने अपने पुराने बयानों पर खेद जताया और अब सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों में सहयोग करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात भोपाल में इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। पहले विधायक कालूहेड़ा ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष Hemant Khandelwal और प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh से मुलाकात की। इसके बाद उन्हें सीधे मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया। यहां मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उनसे विस्तृत चर्चा की और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के कामों में बाधा डालने पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि सरकार और संगठन दोनों ने विधायक को स्पष्ट संदेश दिया कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक विरोध या व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पूरा विवाद उज्जैन के पिपलीनाका और भैरवगढ़ रोड क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। सिंहस्थ मेले की तैयारियों के तहत नगर निगम ने इस मार्ग को चौड़ा करने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रशासन ने करीब 410 मकानों को सात दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस जारी किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनके घर और रोजगार दोनों पर संकट आ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने जनता के बीच जाकर कहा था कि वे 24 मीटर से अधिक सड़क चौड़ीकरण नहीं होने देंगे और यदि प्रशासन जबरन कार्रवाई करेगा तो वे जनता के साथ आंदोलन करेंगे।
नगर निगम की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। आक्रोशित नागरिकों ने विधायक कार्यालय का घेराव भी किया और अपनी समस्याएं सामने रखीं। जनता के दबाव और भावनाओं को देखते हुए विधायक ने अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वे मुख्यमंत्री को सही स्थिति से अवगत नहीं करा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वे जनता की भावनाओं को अनदेखा नहीं कर सकते। इसी बयान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और गर्मा गया था।
हालांकि पार्टी नेतृत्व की सख्ती के बाद अब विधायक के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भोपाल में हुई चर्चा और फटकार के बाद उन्होंने अपने पुराने बयान पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि वे सिंहस्थ से जुड़े सभी विकास कार्यों में सहयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि किसी भी बड़े फैसले से पहले स्थानीय लोगों से चर्चा जरूर की जाए ताकि उनकी समस्याओं का समाधान भी हो सके।
विधायक के इस बदले हुए रुख के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि पिपलीनाका रोड चौड़ीकरण की प्रक्रिया अब बिना बड़े राजनीतिक विरोध के आगे बढ़ सकेगी। सरकार सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है और प्रशासन भी इसी दिशा में योजनाओं को लागू करने में जुटा हुआ है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि विकास कार्यों को लेकर सरकार अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।