BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव 19-20 जनवरी को, नितिन नवीन की दावेदारी सबसे मजबूत

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष का चुनाव 19 और 20 जनवरी को संपन्न होगा। इस महत्वपूर्ण पद के लिए बिहार सरकार में मंत्री और युवा नेता नितिन नवीन का नाम सबसे आगे चल रहा है। यदि वे चुने जाते हैं, तो वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।

चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, 19 जनवरी को नामांकन दाखिल किए जाएंगे और 20 जनवरी को मतदान के बाद नतीजों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस चुनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत करीब 10 वरिष्ठ नेता प्रस्तावक की भूमिका में होंगे।
नितिन नवीन की दावेदारी क्यों है मजबूत?
45 वर्षीय नितिन नवीन को 15 दिसंबर 2025 को ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे वर्तमान में बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी भाजपा के कद्दावर नेता रहे हैं। नितिन की युवा छवि और संगठनात्मक अनुभव को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 37 में से 29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी उनके पक्ष में अलग से नामांकन का सेट जमा कराएंगे।
क्या है भाजपा अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया?
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज के माध्यम से होता है, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए कुछ प्रमुख योग्यताएं निर्धारित हैं:
  • उम्मीदवार का कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना अनिवार्य है।
  • इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा उनके नाम का प्रस्ताव रखा जाना चाहिए।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान होता है और दिल्ली स्थित मुख्यालय में मतों की गिनती के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जाता है। पार्टी के नियमों के मुताबिक, कोई भी सदस्य लगातार दो कार्यकाल (कुल छह वर्ष) तक इस पद पर रह सकता है। नितिन नवीन का कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा, जिसे लोकसभा चुनावों के मद्देनजर आगे भी बढ़ाया जा सकता है।