BJP कार्यालय बना श्रद्धा का केंद्र, पहली बार हुआ गुरुग्रंथ साहिब का दिव्य आयोजन

वीर बाल दिवस के अवसर पर भाजपा इंदौर नगर द्वारा भाजपा कार्यालय में एक दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहला अवसर था जब भाजपा कार्यालय परिसर में गुरुग्रंथ साहिब की अमरवाणी ‘सुखमनी साहिब’ का पाठ, कथा, कीर्तन और विशाल लंगर का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण कर सेवा भाव का अनुभव किया।

सुखमनी साहिब का सामूहिक पाठ और गुरु मर्यादा का पालन

इस पावन अवसर पर गुरु नानक निष्काम सेवा जत्थे के सेवादारों एवं इंदौर की सिख संगत ने पांचवें गुरु अर्जन देव जी द्वारा रचित सुखमनी साहिब का संपूर्ण पाठ पूरी गुरु मर्यादा के साथ सामूहिक रूप से किया। वातावरण गुरुबाणी की पवित्र ध्वनि से भक्तिमय हो उठा।

गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार की शहादत की मार्मिक कथा

पटियाला से पधारे अमरजीत सिंह द्वारा दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार की महान शहादत की कथा सुनाई गई। कथा के दौरान गुरु साहिबजादों और माता गुजरी जी के त्याग, बलिदान और संघर्ष की घटनाओं ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही कीर्तन का आयोजन भी हुआ।

हजारों लोगों ने ग्रहण किया गुरु का लंगर

कार्यक्रम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी आयोजित किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने बिना किसी भेदभाव के सहभागिता की। लंगर सेवा में बड़ी संख्या में सेवादारों ने निस्वार्थ भाव से योगदान दिया।

देश की एकता और बलिदान पर मीनाक्षी लेखी का संदेश

पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अपने संबोधन में कहा कि इंदौर की पावन धरती पर गुरुओं को स्मरण करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जैसे माता अहिल्याबाई होल्कर ने धर्म, समाज और प्रजा के लिए जीवन समर्पित किया, वैसे ही जब-जब देश पर संकट आया, वीर पुरुषों और महिलाओं ने बलिदान देकर राष्ट्र की रक्षा की।

उन्होंने साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी कुर्बानियों से ही भारत एक सूत्र में बंधा है और आज हम सबका दायित्व है कि देश और माँ भारती के सम्मान को और ऊँचा करें।

कैलाश विजयवर्गीय बोले—गुरु गोविंद सिंह का परिवार राष्ट्र के लिए समर्पित

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की सराहना करते हुए कहा कि आज भाजपा कार्यालय का स्वरूप पंजाब जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नवम और दशमेश गुरु न होते, तो न सिख पहचान होती और न ही हिन्दू समाज सुरक्षित रह पाता।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने वीर बाल दिवस के माध्यम से साहिबजादों की महान शहादत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य किया।

वीर साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया है कि वीर साहिबजादों का इतिहास, जिसे लंबे समय तक दबाकर रखा गया, अब हर समाज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे हिन्दू समाज पर गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों का ऋण है, जिसे याद रखना हमारा कर्तव्य है।

संघर्ष से शहादत तक की चित्र प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान 21 दिसंबर से 28 दिसंबर तक साहिबजादों और माता गुजरी जी के संघर्ष से लेकर शहादत तक के जीवन प्रसंगों पर आधारित विशेष चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

बाल कीर्तनकारों का सम्मान और गुरुबाणी प्रस्तुति

सुखमनी साहिब के पाठ के पश्चात शबद कीर्तन प्रस्तुत करने वाले बालक-बालिकाओं का सम्मान किया गया। इसके बाद पटियाला से आए अवतार सिंह जी के जत्थे ने गुरुबाणी और गुरु इतिहास के माध्यम से संगत को आध्यात्मिक संदेश दिया। जसप्रीत कौर ने संगीतमय कविता पाठ से कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई दी।

शहर की गुरुद्वारा संगतों की गरिमामयी सहभागिता

इस आयोजन में इंदौर शहर के विभिन्न गुरुद्वारों की प्रबंध कमेटियों और स्त्री सत्संग जत्थों की संगत ने सहभागिता की। अनेक गुरुद्वारों से आए श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने निभाई सेवा

भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सेवा संगठनों ने भी आयोजन में सक्रिय सेवा दी। कई सामाजिक समूहों और युवा संगठनों की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही।

कार्यक्रम का संचालन हरप्रीत सिंह बक्शी ने किया, जबकि सुखविंदर सिंह भाटिया मन्नी ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक आयोजन में उपस्थित रहे।