Breaking News: उज्जैन जिले के तराना तहसील स्थित खेड़ा जामुनिया गांव में बुधवार सुबह एक किसान ने आत्महत्या कर ली। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि 30 वर्षीय पंकज मालवीय ने यह कदम तब उठाया जब आंधी और ओलावृष्टि ने उसकी पूरी फसल बर्बाद कर दी। करीब 6 बीघा जमीन पर लगी गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी।
परिजनों के मुताबिक पंकज मंगलवार रात घर नहीं लौटा था। सुबह जब परिवार के सदस्य खेत में पहुंचे तो उन्हें पंकज का शव मिला। फसल की बर्बादी से वह काफी परेशान और तनाव में चल रहा था।
सोशल मीडिया पर लगाया था फसल का वीडियो
घटना से कुछ समय पहले पंकज ने अपनी खराब हुई फसल का वीडियो बनाया था। उसने यह वीडियो सोशल मीडिया पर स्टेटस के रूप में भी डाला था। परिजनों के मुताबिक शाम से ही वह गहरे तनाव में दिख रहा था।
बहन की शादी की थी चिंता
मृतक किसान के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले ही पंकज की बहन की सगाई संपन्न हुई थी। अप्रैल महीने में शादी तय थी और पंकज इसकी तैयारियों में जुटा हुआ था।
ईश्वर लाल ने बताया कि ओलावृष्टि के बाद शाम करीब 7 बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। फोन पर उसने फसल बर्बाद होने की बात कही और बहन की शादी को लेकर चिंता जताई। पंकज ने कहा कि बयाना भी दे चुका है, अब शादी कैसे हो पाएगी।
समधी ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे। उन्होंने पंकज से चिंता न करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
विधायक ने की 50 लाख मुआवजे की मांग
किसान की मौत की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
विधायक परमार ने कहा कि किसान ने फसल बर्बाद होने के कारण यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि वे एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर किसानों की समस्याओं और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के मुद्दे को सामने ला दिया है।