तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने महज 24 घंटे के भीतर ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को अस्थायी रूप से आवाजाही शुरू करने के बाद ईरान ने अब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने ‘सीजफायर डील’ की शर्तों का उल्लंघन किया है।
भरोसे की कमी और नाकेबंदी का विवाद
ईरान ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अमेरिका के साथ हुई शुरुआती बातचीत के आधार पर भरोसे में आकर तेल और मालवाहक जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी। लेकिन, अमेरिका ने अपना वादा नहीं निभाया और नाकेबंदी के नाम पर ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों के साथ सख्ती की।
ईरानी नेतृत्व ने साफ चेतावनी दी है:
जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों से नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, होर्मुज से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा।
अब इस मार्ग की पूरी कमान ईरान की सेना के नियंत्रण में होगी।
डोनाल्ड ट्रम्प का कड़ा रुख: ‘यूरेनियम तो लेकर रहेंगे’
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रम्प ने दोहराया कि जब तक ईरान अमेरिका की शर्तों पर समझौता नहीं करता, तब तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। सबसे बड़ी चेतावनी यूरेनियम को लेकर दी गई है। ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका हर हाल में ईरान के पास मौजूद संवर्धित (Enriched) यूरेनियम को अपने कब्जे में लेकर रहेगा। अगर बातचीत से रास्ता नहीं निकला, तो हम और भी सख्त तरीके अपना सकते हैं।”
पिछले 24 घंटों के 5 बड़े घटनाक्रम
होर्मुज पर पाबंदी: ईरान ने समुद्री रास्ता फिर बंद किया, वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल।
यूरेनियम विवाद: ट्रम्प का आक्रामक बयान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीधा प्रहार।
बातचीत की उम्मीद: सोमवार को पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच फिर से वार्ता हो सकती है।
नाकेबंदी जारी: अमेरिका ने कहा कि डील पूरी होने तक ईरान के तटों की घेराबंदी खत्म नहीं होगी।
इजराइल-लेबनान राहत: इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर के बाद हजारों लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं।
वैश्विक प्रभाव…..
दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद किए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। ट्रम्प और ईरान के बीच यह ‘ईगो वॉर’ अब एक बड़े सैन्य और आर्थिक संकट की ओर बढ़ती दिख रही है।