सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अपने नेटवर्क को मजबूत करने और निजी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। कंपनी ने अपने नेटवर्क विस्तार के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका उद्देश्य देश के दूरदराज के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
इस प्रस्ताव के तहत बीएसएनएल ने देशभर में 23,000 नए बेस स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। यह कदम न केवल मौजूदा नेटवर्क की कमियों को दूर करेगा, बल्कि 4G और आगामी 5G सेवाओं के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करेगा।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
बीएसएनएल ने अपनी नेटवर्क क्षमता को 25% तक बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) से मंजूरी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। मंजूरी मिलते ही इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।
नेटवर्क विस्तार की यह कवायद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निजी टेलीकॉम कंपनियां पहले ही अपनी 5G सेवाएं शुरू कर चुकी हैं। ऐसे में बीएसएनएल के लिए अपने ग्राहकों को बनाए रखने और नए ग्राहक जोड़ने के लिए सर्विस की गुणवत्ता में सुधार करना अनिवार्य हो गया है।
नेटवर्क की गुणवत्ता में होगा सुधार
नए बेस स्टेशनों के लगने से कॉल ड्रॉप की समस्या कम होगी और इंटरनेट की स्पीड में भी सुधार देखने को मिलेगा। 25% क्षमता विस्तार का सीधा अर्थ है कि नेटवर्क पर अधिक लोड सहने की क्षमता विकसित होगी, जिससे पीक आवर्स में भी यूजर्स को बेहतर अनुभव मिलेगा।
सरकार पहले ही बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए कई राहत पैकेजों की घोषणा कर चुकी है। यह नया प्रस्ताव उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि कैबिनेट से जल्द ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है, जिसके बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा।