वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट 2026 पेश किया। इस बजट में आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाली कई घोषणाएं की गईं। सोना-चांदी, दवाओं और कपड़ों पर राहत मिली है।
वित्त मंत्री ने सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर 6 फीसदी कर दिया। प्लेटिनम पर भी शुल्क कम किया गया। इससे आभूषण उद्योग और खरीदारों को फायदा होगा।
कैंसर और डायबिटीज की दवाएं सस्ती
कैंसर और डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया गया। यह कदम मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए यह अहम फैसला बताया जा रहा है।
चमड़ा और टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इन पर सीमा शुल्क में कटौती की गई। चमड़े के जूते, बैग और कपड़े अब पहले से सस्ते मिलेंगे। निर्यात को प्रोत्साहन देना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है।
इलेक्ट्रिक वाहन और धातुएं महंगी
इलेक्ट्रिक वाहनों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया। कुछ धातुओं पर भी आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है।
शराब पर उत्पाद शुल्क में मामूली बदलाव किए गए हैं। हालांकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर अलग टैक्स लगाती हैं। केंद्रीय शुल्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
आभूषण व्यापारियों ने सोना-चांदी पर शुल्क कटौती का स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी। तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।
दवा उद्योग ने कैंसर की दवाओं पर शुल्क हटाने को सराहा। फार्मा कंपनियों का मानना है कि इससे इलाज की लागत घटेगी। मरीजों को किफायती दरों पर दवाएं मिल सकेंगी।
चमड़ा और टेक्सटाइल क्षेत्र के निर्यातकों ने राहत जताई। उनका कहना है कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आम जनता पर प्रभाव
शादी-ब्याह के सीजन में सोने की खरीदारी सस्ती होगी। शुल्क कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचने की उम्मीद है। ज्वैलर्स ने कीमतों में गिरावट का संकेत दिया है।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी। महंगी दवाओं का बोझ कम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को अधिक कीमत चुकानी होगी। हालांकि सरकार का तर्क है कि देश में बनने वाले वाहन सस्ते होंगे। मेक इन इंडिया को बल मिलेगा।
बजट में मध्यम वर्ग और उद्योगों को संतुलित राहत देने की कोशिश दिखती है। अगले कुछ हफ्तों में बाजार में इन बदलावों का असर साफ नजर आएगा।