Budget 2026 से पहले सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: गोल्ड 11,000 और सिल्वर 27,000 रुपये लुढ़का, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करने वाली हैं। सोना और चांदी के कारोबारियों और निवेशकों की नजरें इम्पोर्ट ड्यूटी में संभावित बदलाव पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में राहत दे सकती है। इससे घरेलू बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आ सकती है।

बजट पेश होने से ठीक पहले सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों ने हलचल बढ़ा दी है। 1 फरवरी 2026 की सुबह जारी दिल्ली के ताजा रेट्स के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹1,62,240 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,78,000 प्रति किलो पर दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों में दोनों धातुओं में तेज गिरावट देखने को मिली है—30 जनवरी को ₹1,80,000 के पार पहुंचा सोना फिसलकर करीब ₹1,55,000 तक आ गया, जबकि चांदी में भी लगभग ₹50,000 प्रति किलो तक की कमजोरी दर्ज हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों में मार्जिन बढ़ने जैसे वैश्विक कारकों के चलते आई है।

मौजूदा आयात शुल्क की स्थिति

फिलहाल सोने पर आयात शुल्क निर्धारित दर पर लगाया जा रहा है। चांदी पर भी इम्पोर्ट ड्यूटी लागू है। व्यापारी वर्ग इसमें कमी की मांग करता रहा है।

पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। घरेलू बाजार भी इससे प्रभावित रहा है।

उद्योग की उम्मीदें

ज्वैलरी इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बजट में कुछ राहत मिल सकती है। इससे उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

आयात शुल्क में कमी से तस्करी पर भी रोक लगेगी। कारोबारी इस बदलाव का स्वागत करने को तैयार हैं।

बजट भाषण में क्या होगा खास

वित्त मंत्री अपने भाषण में कर व्यवस्था और आर्थिक नीतियों की घोषणा करेंगी। सोना-चांदी से जुड़े प्रावधानों पर खास नजर रहेगी।

निवेशक और व्यापारी लाइव अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। बजट के बाद बाजार में तेजी या मंदी का रुख तय होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की नीति से धातु बाजार की दिशा तय होगी। अगले कुछ घंटों में स्पष्टता आएगी।