Budget Day Look: बैंगनी साड़ी में नजर आईं निर्मला सीतारमण, क्या है इस रंग के पीछे का खास संदेश?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब संसद में बजट पेश करने पहुंचती हैं, तो उनकी साड़ी हमेशा सुर्खियों में रहती है। पिछले कई वर्षों से उनकी साड़ी का रंग, डिजाइन और शैली देशभर में चर्चा का विषय बनती है।

सीतारमण ने अपने कार्यकाल में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक साड़ियों को प्रदर्शित किया है। उनका यह चयन भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।

साड़ी चयन की परंपरा

वित्त मंत्री बनने के बाद से सीतारमण ने हर बजट सत्र में अलग-अलग राज्यों की हस्तशिल्प साड़ियां पहनी हैं। इससे स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है।

उनकी साड़ी का चयन केवल फैशन स्टेटमेंट नहीं है। यह भारतीय हथकरघा उद्योग के प्रति सम्मान और समर्थन का प्रतीक है।

पिछले बजटों में साड़ी का इतिहास

वर्ष 2019 में अपने पहले बजट के दौरान सीतारमण ने तमिलनाडु की पारंपरिक साड़ी पहनी थी। इसके बाद हर साल उन्होंने अलग राज्य की साड़ी को चुना।

2020 में उन्होंने बंगाल की तांत साड़ी पहनी थी। 2021 में तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी और 2022 में असम की मूगा सिल्क साड़ी उनकी पसंद रही।

2023 के बजट में उन्होंने कर्नाटक की इलकल साड़ी पहनी थी। 2024 में भी उन्होंने पारंपरिक हथकरघा साड़ी का चयन किया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

हर बजट सत्र में सीतारमण की साड़ी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती है। लोग उनके पहनावे की तारीफ करते हैं और राज्य की पहचान करने की कोशिश करते हैं।

कई यूजर्स साड़ी के बारे में जानकारी साझा करते हैं। कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति के प्रचार के रूप में देखते हैं।

हथकरघा उद्योग को बढ़ावा

वित्त मंत्री का यह प्रयास हथकरघा बुनकरों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी साड़ी पहनने के बाद उस राज्य की साड़ियों की मांग बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में मदद करती है।

सीतारमण की साड़ी का चयन केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक संदेश है। यह भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा को सम्मान देने का तरीका है।