भले ही रिलायंस जियो के जून में आने वाले आईपीओ को देश के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा हो, लेकिन टेलीकॉम सेक्टर में सबसे मजबूत एसेट्स के लिहाज से आज भी सरकारी कंपनी बीएसएनएल को सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और संपत्तियों के चलते सरकार पिछले कुछ वर्षों से बीएसएनएल को दोबारा मजबूती देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
बजट में टेलीकॉम मंत्रालय के लिए रिकॉर्ड बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में टेलीकॉम मंत्रालय पर खास मेहरबानी दिखाई है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, मंत्रालय के लिए आवंटन में लगभग 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में यह बढ़ोतरी टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है, जिससे निजी कंपनियों में भी हलचल देखने को मिल रही है।
BSNL के लिए खुला सरकारी खजाना
वित्त वर्ष 2026 के बजट में टेलीकॉम मंत्रालय का कुल आवंटन बढ़ाकर 73,990 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इस बढ़े हुए बजट का बड़ा हिस्सा सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के पूंजीगत निवेश पर खर्च किया जाएगा। इसमें नेटवर्क विस्तार, स्पेक्ट्रम लागत, आंतरिक आवश्यकताएं और अन्य विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
किन योजनाओं पर खर्च होगा पैसा
टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी कि बढ़ा हुआ बजट भारतनेट परियोजना, बीएसएनएल की पूंजीगत जरूरतों, नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम से जुड़ी लागत को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल 53,000 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान की तुलना में इस बार आवंटन लगभग 40 प्रतिशत बढ़ाकर 73,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
सरकार का फोकस BSNL को मजबूत करना
टेलीकॉम मंत्रालय और खासतौर पर बीएसएनएल के लिए बजट बढ़ाने पर सिंधिया ने कहा कि सरकार लगातार बीएसएनएल को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। उद्देश्य यह है कि कंपनी निजी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके और देश के दूर-दराज़ इलाकों तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सके।
BSNL के रेवेन्यू में भी सुधार
मंत्री ने बताया कि बीएसएनएल का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 90 रुपए से लगभग 99 रुपए हो गया है। आने वाले समय में इसे तीन अंकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी ने अपने सभी कार्यक्षेत्रों में रेवेन्यू बढ़ाया है, जिससे उसके पुनरुत्थान की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
ग्रामीण और पूर्वोत्तर भारत पर भी खास ध्यान
प्रस्तावित बजट में ग्रामीण ब्रॉडबैंड योजना भारतनेट के लिए भी पर्याप्त धनराशि शामिल की गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए आवंटन में भी बड़ा इजाफा किया गया है। यह राशि 4,495 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 6,800 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।