New Delhi/Indore: वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आमतौर पर युद्ध की स्थिति में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में आज जोरदार गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार का ताजा हाल: औंधे मुंह गिरी कीमतें
हाजिर बाजार में सोने (नगद) की कीमत फिसलकर ₹1,49,500 पर आ गई है, जबकि एक दिन पहले यह ₹1,51,600 के स्तर पर थी। इसी तरह, चांदी (नगद) में भी बड़ी कटौती देखी गई और यह ₹2,31,000 प्रति किलो पर आ गई है, जो बीते कल ₹2,37,000 पर बंद हुई थी। आरटीजीएस (RTGS) दरों की बात करें तो सोना ₹1,46,000 और 22 कैरेट सोना ₹1,33,800 (GST अतिरिक्त) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संकेत: वैश्विक बाजार में सोना $4,620 के ऊपरी स्तर से गिरकर $4,553 पर आ गया है। वहीं, चांदी भी $76.26 के हाई से लुढ़ककर $69.61 के स्तर पर ट्रेड कर रही है। भारतीय रुपया भी $93.07 के स्तर पर बना हुआ है।
जंग के बीच क्यों गिर रहे हैं दाम?
आमतौर पर अनिश्चितता के माहौल में कीमती धातुएं महंगी होती हैं, लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं:
कैश (लिक्विडिटी) पर भरोसा: मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम लेने के बजाय ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं। अनिश्चितता के दौर में लोग अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बेचकर नकदी (Liquidity) सुरक्षित रखना चाह रहे हैं।
प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं, तब बड़े निवेशकों ने भारी मात्रा में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव आया।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी सोने की चमक को फीका किया है।
क्यों अलग-अलग शहरों में बदलते हैं रेट?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम एक समान नहीं होते, इसके पीछे चार मुख्य कारण हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का भारी खर्च जुड़ता है।
लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन: स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर हर शहर का अपना एसोसिएशन रेट तय करता है।
खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में देश की कुल खपत का लगभग 40% हिस्सा है, जिससे वहां की बड़ी खरीद कीमतों को प्रभावित करती है।
पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस भाव पर खरीदा था, यह उनके विक्रय मूल्य को निर्धारित करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है, हालांकि वैश्विक तनाव को देखते हुए बाजार में अस्थिरता जारी रहने की संभावना है।