Bullion Market Update: वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रा बाजार में मची हलचल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे संकेतों और घरेलू मांग के चलते शुद्ध सोने (24 कैरेट) के भाव 1.47 लाख रुपये के स्तर को छू गए हैं, जो पिछले दिन के ₹1.46 लाख के मुकाबले ₹1,000 की सीधी बढ़त दर्शाता है।
बाजार के ताजा आंकड़े: एक नजर में
शुक्रवार को बाजार में कीमतों का रुख कुछ इस प्रकार रहा (GST अतिरिक्त):
चांदी (नगद): ₹2,26,000 प्रति किलो (कल ₹2,25,000 थी)।
चांदी (टंच/RTGS): ₹2,26,500 प्रति किलो।
चांदी का सिक्का: ₹2,600 प्रति नग।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में सोना $4,426 के औसत स्तर पर बना हुआ है, जबकि चांदी 68.70 सेंट पर कारोबार कर रही है। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 94.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँचने से भी कीमती धातुओं के दाम चढ़े हैं।
क्यों अलग-अलग शहरों में होते हैं अलग दाम?
अक्सर ग्राहकों के मन में सवाल होता है कि एक ही देश में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं। इसके पीछे 4 मुख्य कारण हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा: सोने को एक शहर से दूसरे शहर भेजने में ईंधन और सुरक्षा का भारी खर्च आता है। पोर्ट (Import Hubs) से शहर की दूरी जितनी ज्यादा होगी, लागत उतनी बढ़ेगी।
खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में देश की करीब 40% सोने की खपत होती है। वहाँ के ज्वेलर्स थोक में खरीदारी करते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है।
लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर शहर का अपना एसोसिएशन (जैसे मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होता है, जो स्थानीय मांग और आपूर्ति को देखते हुए प्रतिदिन के रेट तय करता है।
पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने सोना किस भाव पर खरीदकर स्टॉक किया है, यह भी मायने रखता है। सस्ते पुराने स्टॉक वाले ज्वेलर्स अक्सर ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी रेट दे पाते हैं।