नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में निवेश और खरीदारी करने वालों के लिए आज यानी 15 अप्रैल का दिन बड़ी हलचल भरा रहा। अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने के दाम में करीब ₹2,800 और चांदी में ₹12,000 से अधिक का बड़ा उछाल आया है।
सोने की चमक हुई तेज, चांदी ने मारी लंबी छलांग
आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,854 बढ़कर ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। बीते शनिवार (13 अप्रैल) को सोना ₹1.50 लाख पर बंद हुआ था। चांदी की बात करें तो इसमें आज ‘रॉकेट’ जैसी तेजी देखी गई। एक किलो चांदी ₹12,038 महंगी होकर ₹2.49 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है, जो पिछले कारोबारी दिन ₹2.37 लाख पर थी।
2026 में अब तक की स्थिति: ₹20,000 महंगा हुआ सोना
इस साल की शुरुआत से अब तक कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं:
सोना: 31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1.33 लाख पर था, जो 2026 में अब तक ₹19,754 महंगा हो चुका है।
चांदी: इस साल अब तक चांदी की कीमतों में ₹20,435 की बढ़त दर्ज की गई है।
उतार-चढ़ाव: इसी साल 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख का अपना ऑलटाइम हाई छुआ था। हालांकि, फरवरी में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थितियों के बाद कीमतों में कुछ सुधार भी देखा गया।
शहरों में क्यों अलग होते हैं दाम?
अक्सर देखा जाता है कि दिल्ली, मुंबई या इंदौर जैसे शहरों में सोने के भाव अलग-अलग होते हैं। इसके मुख्य चार कारण हैं:
परिवहन और सुरक्षा: एक शहर से दूसरे शहर सोना भेजने का भाड़ा और सिक्योरिटी खर्च।
स्थानीय मांग: दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में खपत ज्यादा होने से वहां की एसोसिएशन दरें अलग तय करती हैं।
स्थानीय कर और एसोसिएशन: हर शहर की लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन मांग-सप्लाई के आधार पर रेट घोषित करती है।
ज्वेलर्स का स्टॉक: ज्वेलर्स ने अपना पुराना स्टॉक किस भाव पर खरीदा है, यह भी खुदरा कीमत को प्रभावित करता है।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप इस बढ़ती कीमत के बीच सोना खरीदने का मन बना रहे हैं, तो दो बातें बेहद अहम हैं। पहली, हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, जिससे आपको शुद्धता की गारंटी मिले। दूसरी, खरीदारी से पहले इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट से उस दिन के सटीक भाव (24K, 22K या 18K) को क्रॉस-चेक जरूर करें।
वैश्विक बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले समय में कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।