कारोबारी ने सुसाइड नोट में लिखा… ED अफसर ने कंधे पर जूते रखे

स्वतंत्र समय, सीहोर/भोपाल

सीहोर जिले के आष्टा में कारोबारी मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा का शव शुक्रवार सुबह घर में फंदे पर लटका मिला। घटनास्थल पर मिले 5 पेज के सुसाइड नोट में ईडी ( ED ) पर आरोप लगाया है। 7 पॉइंट के सुसाइड नोट में प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) के अफसरों पर दबाव बनाकर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। कारोबारी ने सुसाइड नोट में लिखा कि ईडी के अफसर ने उसके कंधे पर जूते रखकर कहा- यहीं तेरी औकात है। उन्होंने कहा कि इतनी धाराएं लगाऊंगा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनकर भी नहीं हटा पाएगा। कारोबारी ने सुसाइड नोट को राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, मप्र हाईकोर्ट, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, महाधिवक्ता, प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी, मप्र कांग्रेस कमेटी सहित कुछ मीडिया संस्थानों को भी भेजा है। गौरतलब है कि मनोज परमार ने न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी। इसके बाद वे चर्चा में आ गए थे। ईडी ने 5 दिसंबर को उनके चार ठिकानों पर छापे मारे थे।

ED 10 लाख और सोना ले गई, पंचनामे में नहीं लिखा

सुसाइड नोट में ईडी ( ED ) पर आरोप लगाते हुुए लिखा कि मैं मनोज परमार निवासी शांति नगर आष्टा, जिला सीहोर मप्र का रहने वाला हूं। आपसे विनम्र आग्रह करना चाहता हूं, जो निम्न अनुसार हैं। महोदय, मैं 2017 से एक ही घटना की दो एफआईआर में सेशन कोर्ट आष्टा और सीबीआई कोर्ट भोपाल में ट्रायल झेल रहा हूं। इसमें फरवरी 2023 में आष्टा कोर्ट का जजमेंट हो चुका है। दूसरी एफआईआर में सीबीआई कोर्ट भोपाल में ट्रायल चल रहा है। 5 दिसंबर 2024 को ईडी ने सुबह 5 बजे मेरे घर पर तीसरी बार रेड की। उन्होंने घर में सर्चिंग की। रात करीब 9 बजे वे लोग कुछ दस्तावेज, 10 लाख रुपए और 70 ग्राम सोने की ज्वेलरी लेकर गए।

आत्महत्या मामले में कांग्रेस हमलावर

इस मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा-मनोज परमार को बिना कारण ईडी द्वारा परेशान किया जा रहा था। मनोज के घर पर ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर भोपाल संजीत कुमार साहू द्वारा रेड की गई थी, क्योंकि वह इंडिया ब्लॉक का समर्थक हैं। मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था की थी। लेकिन बडेÞ दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने पत्नी के साथ आत्महत्या कर ली।

ये 10 लाख रुपए रिश्तेदार ने दिए थे

ये 10 लाख रुपए रिश्तेदार दिनेश परमार (शराब ठेकेदार) कुसमानिया से लिए थे। दरअसल, पत्नी नेहा परमार का 2013 से बैंक ऑफ बड़ौदा में लोन है, उसका ओटीएस करने के लिए उधार लाया था। वह रुपए भी ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीत कुमार साहू और उनका साथी राधेश्याम विश्नोई लेकर चले गए। ईडी ने जो पंचनामा मुझे दिया गया, उसमें न 10 लाख रुपए की जब्ती और न 70 ग्राम सोने की जब्ती का जिक्र था।

घर के लोगों के साथ गाली-गलौच और मारपीट की

ईडी के अफसर 5 दिसंबर की सुबह मेरे घर आए। पहले उन्होंने घर के कैमरे बंद किए। घर के लोगों के साथ संजीत कुमार साहू गाली-गलौज और मेरे साथ मारपीट करने लगे। सभी के फोन छीन लिए। बच्चों को और पत्नी को कमरे में बंद कर दिया। सोफे से लेकर बेड तक पर जूते पहनकर सर्च करते रहे। हर आधे घंटे में बोलते रहे कि तुम और तुम्हारा परिवार भाजपा में होते, तो तुम पर केस नहीं होता। तुम्हारे बच्चे राहुल गांधी से मिलते हैं। राहुल गांधी के पास कितनी संपत्ति है। तुम्हारे बच्चे और तुमको पता होगा बताओ। राहुल गांधी भी तुम्हारी मदद नहीं कर पाएगा। हम उसे भी जल्दी गिरफ्तार करेंगे।