गलत जानकारी देकर कॉलोनी ले-आउट पास कराने का मामला उजागर, प्लॉट धारक हुए गुमराह

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने दृष्टि देवकॉन प्रा. लि. के डायरेक्टर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को गलत और भ्रामक जानकारी देकर कॉलोनी का नक्शा पास कराया और बाद में प्लॉट धारकों को गुमराह कर आर्थिक लाभ अर्जित किया।

गलत जानकारी देकर पास कराया गया कॉलोनी ले-आउट

ईओडब्ल्यू के अनुसार, आरोपियों ने इंदौर जिले के ग्राम पिपल्या लोहार और खडराखेड़ा क्षेत्र में विकसित की जा रही गिरीराज कॉलोनी का नक्शा गलत तथ्यों के आधार पर स्वीकृत कराया। शिकायतकर्ता मेसर्स सुन्दरम रियल इन्फ्रा प्रा. लि. के डायरेक्टर पवन नारंग ने आरोप लगाया कि दृष्टि देवकॉन प्रा. लि. के डायरेक्टर शैलेष माहेश्वरी और अन्य भूमि स्वामियों ने नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय, इंदौर में प्रस्तावित कॉलोनी के ले-आउट में उत्तर दिशा में 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग दर्शाया, जबकि वास्तविक स्थिति में वहां केवल 8 से 10 फीट चौड़ा रास्ता ही मौजूद था।

जांच में उजागर हुई सच्चाई

प्रकरण की जांच के दौरान संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, इंदौर से प्राप्त जानकारी और स्थल निरीक्षण के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि स्वीकृत ले-आउट के अनुसार मौके पर पहुंच मार्ग मौजूद ही नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने आपसी सांठ-गांठ और षड्यंत्र के तहत गलत जानकारी प्रस्तुत कर आवासीय भूखंडीय विकास का ले-आउट अनुमोदित करा लिया। इससे आम नागरिकों और कॉलोनी के प्लॉट धारकों के साथ धोखाधड़ी की गई। प्रथम दृष्टया यह भी सामने आया कि नियमों के विरुद्ध अवैध लाभ कमाने की नीयत से यह पूरी प्रक्रिया अपनाई गई।

इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

शैलेष माहेश्वरी, पिता शिवनारायण माहेश्वरी, डायरेक्टर, दृष्टि देवकॉन प्रा. लि., पता – 406, पुखराज कार्पो, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर

  • विनोद माहेश्वरी, पिता रामस्वरूप माहेश्वरी, पता – 406, पुखराज कार्पो, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर
  • कुंवर सिंह, पिता अमर सिंह, पता – 406, पुखराज कार्पो, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर
  • राजू पंवार, पिता अमर सिंह, पता – 406, पुखराज कार्पो, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर
  • माया राजपूत, पति सालगराम राजपूत, पता – 406, पुखराज कार्पो, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर

जनजातीय कार्य विभाग झाबुआ के अधिकारियों पर भी ईओडब्ल्यू की कार्रवाई

ईओडब्ल्यू ने एक अन्य मामले में जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ में पदस्थ रहे तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। जांच में वर्ष 2013-14 से 2019-20 के बीच सामग्री क्रय में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि इस अवधि में करीब 2 करोड़ 98 लाख 41 हजार रुपये की सामग्री खरीदी में भ्रष्टाचार किया गया।

बिना टेंडर और नियमों के हुआ सामग्री क्रय

शिकायतकर्ता, अध्यक्ष आदिवासी मोर्चा झाबुआ एवं अन्य द्वारा आरोप लगाया गया कि विभाग के अधिकारियों ने भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन करते हुए फर्जीवाड़ा किया। जांच में यह भी पाया गया कि भारत सिंह, सहायक परियोजना प्रशासक (आदिवासी विकास), झाबुआ ने वर्ष 2015-16 से 2019-20 के दौरान कार्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों के संचालन के लिए स्टेशनरी, डस्टबिन, शू-स्टैंड, बर्तन आदि सामग्री बिना दर निर्धारण और बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए स्थानीय विक्रेताओं से खरीदी।

इन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया प्रकरण

  • प्रशांत आर्य, तत्कालीन सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ
  • भारत सिंह, तत्कालीन सहायक परियोजना प्रशासक (आदिवासी विकास), झाबुआ
  • अयूब खान, तत्कालीन भंडार शाखा प्रभारी (लेखापाल), झाबुआ
  • राघवेन्द्र सिसोदिया, तत्कालीन बजट शाखा प्रभारी, जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ

ईओडब्ल्यू द्वारा दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।